मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश भाजपा नेताओं का परिवर्तन रैली में एक लाख से अधिक लोगों को शामिल करने का दावा पूरी तरह से धराशायी हुआ है। रैली में लगभग 15 हजार या इससे कुछ अधिक लोग ही जुटे थे।
विज्ञापन
रैली में प्रधानमंत्री के इस बयान पर कि कांग्रेस पार्टी को किसी श्रेष्ठ उपलब्धियों और विकास कार्यों के लिए लोग याद नहीं करते हैं, इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लोग बेहतर जानते हैं कि विकास किसने किया है।
सीएम ने मोदी की रैली के बाद कहा कि एक स्वतंत्र एजेंसी की ओर से करवाए गए सर्वेक्षण में प्रदेश को देश के बड़े श्रेणी के राज्यों में शिक्षा में सर्वश्रेष्ठ और समावेशी विकास में सुधार के लिए श्रेष्ठ राज्य चुना गया है।
विज्ञापन
यह पुरस्कार अगले माह प्रदान किए जाएंगे। शिक्षा प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और कांग्रेस सरकार इसकी परवाह नहीं करती कि रैली में क्या कहा। क्योंकि प्रदेश के लोग जानते हैं कि कांग्रेस पार्टी विकास का पर्याय है।
कांग्रेस पूरी तरह संगठित है और निचले स्तर तक लोग कांग्रेस को पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में 90 प्रतिशत सीटों पर कांग्रेस की ओर से समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे। यह इसलिए हुआ क्योंकि प्रदेश सरकार ने राज्य में विकास किया है।
शांता सीएम दौड़ में नहीं, मुकाबला धूमल-नड्डा में
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां तक सड़कों का संबंध है, अब मात्र दो या तीन गांव सड़क सुविधा से जुड़ने से बचे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के शासनकाल के दौरान सड़कों का निर्माण यूपीए सरकार की ओर से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और नाबार्ड के माध्यम से प्रदान की गई धनराशि से किया गया। उस समय मात्र कुछ ही गांवों को सड़कों से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि आज कठिन एवं दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ा गया है जो वर्तमान प्रदेश सरकार के कठिन प्रयासों से संभव हो पाया है।
सीएम प्रोजेक्ट करने को अंतर्द्वंद्व, शांता दौड़ में नहीं, मुकाबला धूमल-नड्डा में
सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को प्रोजेक्ट करने पर भाजपा में अंतर्द्वंद्व चल रहा है। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार मुख्यमंत्री की उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल नहीं हैं, परंतु केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रेम कुमार धूमल के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर मुकाबला दिलचस्प होगा।
रामस्वरूप को स्वच्छता अभियान का श्रेय देना गलत
प्रधानमंत्री की ओर से मंडी जिला में स्वच्छता अभियान का श्रेय स्थानीय सांसद राम स्वरूप को देना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पूरे प्रदेश में ‘संपूर्ण स्वच्छता अभियान’ और ‘सफाई अभियान’ चलाया, जो अब भी जारी है।
मंडी के सांसद की इस अभियान में कोई भी भूमिका नहीं रही है और उन्होंने एक पत्ता तक नहीं उठाया होगा। यह प्रदेश सरकार के कठिन परिश्रम की बदौलत ही संभव हो पाया है कि आज हिमाचल ‘ग्रीन व क्लीन’ बना है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मंडी की रैली ने साबित कर दिया है कि मोदी के बोल जुमलों के ढोल हैं। सुक्खू ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रदेश के मुख्यमंत्री पर की गई टिप्पणी उचित नहीं है। ये कहना बिल्कुल सही नहीं है कि केवल भाजपा के मुख्यमंत्रियों ने ही हिमाचल में विकास किया। हिमाचल के निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
पूर्व मुख्यमंत्री रामलाल ठाकुर के कार्यकाल में भी प्रदेश में विकास कार्य हुए। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व की वर्तमान कांग्रेस सरकार चौतरफा विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सुक्खू ने भाजपा की रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये लग रहा था कि प्रधानमंत्री बीबीएमबी प्रोजेक्ट से हिमाचल को लंबित 4200 करोड़ जारी करने की घोषणा करेंगे। ऐसा कुछ नहीं हुआ।
भानुपल्ली-बिलासपुर प्रोजेक्ट के लिए 1000 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान यूपीए-दो सरकार ने किया था, मगर इस बारे में भी प्रधानमंत्री की टिप्पणी सही नहीं है। सुक्खू बोले कि कुल मिलाकर भाजपा की ये रैली हिमाचल के लिए ज्यादा लाभप्रद नहीं रही है।
मोदी की वादे साबित हुए झूठे
प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग के चेयरमैन नरेश चौहान ने कहा कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार हिमाचल में आए और नेता को उनसे बड़ी उम्मीदें थीं कि मोदी आएंगे और प्रदेश के हित में कोई बड़ी-बड़ी घोषणाएं करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब 2014 के लोकसभा चुनावों के समय हिमाचल में आए थे तो उन्होंने हिमाचल को अपना दूसरा घर बताया और कहा कि वे हिमाचल के कोने-कोने से वाकिफ हैं। वे प्रदेश की भौगोलिक स्थिति से अच्छी तरह से परिचित हैं। रोजगार, पर्यटन, हवाई सेवाएं और अन्य तमाम तरह के मोदी के वादे झूठे साबित हुए हैं।