मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि इंजीनियरों के कठिन परिश्रम की बदौलत हिमाचल कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद दूसरे राज्यों के लिए आदर्श बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री बुधवार को पीटरहॉफ में जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन की 26वीं कार्यशाला में बोल रहे थे।
कहा कि विभिन्न विभागों में सिविल, मेकेनिकल तथा इलेक्ट्रिकल इंजीनियर लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हिमाचल के गांवों को सड़क, विद्युत और पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाने का श्रेय प्रदेश के इंजीनियरों को जाता है।
प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों को सड़क से जोड़ा है। प्रत्येक गांव को मोटर योग्य सड़क से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। आज प्रदेश में 35 हजार किलोमीटर से अधिक लंबी सड़कें हैं। हिमाचल के गठन के समय मात्र 288 किमी सड़कें थीं। सभी गांवों का विद्युतीकरण किया है।