मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बुधवार को रामपुर क्षेत्र में कहा कि अध्यापकों को दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में भी सेवाएं देनी चाहिए। कहा कि जो अध्यापक दूरदराज स्कूलों में ज्वाइन नहीं करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिन शिक्षकों को दुर्गम क्षेत्रों में ज्वाइनिंग दी गई है, वे जल्द वहां ज्वाइन करें। अन्यथा नौकरी से त्याग पत्र दे दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्यूरी में उप तहसील खोलने की मांग सही नहीं है। यहां से रामपुर बहुत नजदीक है।
वह प्रशासनिक इकाइयों के विखंडन के हक में नहीं है। उनके शासनकाल के दौरान किसी भी छोटी प्रशासनिक इकाई को मंजूरी नहीं दी गई। केवल उन्हीं क्षेत्रों में छोटी इकाइयां और कार्यालय खोले गए, जहां इनकी अति आवश्यकता थी।
कहा कि कुछ लोग हैं जो अफवाहें फैलाते हैं और नए कार्यालयों, उप तहसीलों की मांग करते हैं, जिससे ये लोगों के बीच अपना प्रचार और नाम बना सकें।
बिना बजट घोषणाएं कर रहे मुख्यमंत्री : गणेश
प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष गणेश दत्त ने राज्य सरकार पर बिना बजट के योजनाओं की घोषणा कर जनता को धोखा देने का आरोप लगाया है। गणेश दत्त ने कहा कि स्कूलों में अध्यापक नहीं हैं, दफ्तरों में स्टाफ नहीं है और आए दिन नए स्कूलों की घोषणा की जा रही है।
जहां अध्यापकों की आवश्यकता है, वहां से उठा कर उन्हें नए स्कूलों में भेजा जा रहा, जिससे न पुराने स्कूलों में ठीक प्रकार से पढ़ाई हो रही है और न ही नए स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बन रहा है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों के रिजल्ट से पता चलता है कि प्रदेश सरकार स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने में असफल रही है।
भाजपा ने आरोप लगाया है कि इन दिनों मुख्यमंत्री जितनी भी घोषणाएं कर रहे हैं उनके लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं है। केवल लोगों की वाहवाही लूटने के लिए इस प्रकार के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। पार्टी उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अभी तक लगभग 1500 ऐसी घोषणाएं की गई हैं, जिसके लिए बजट का प्रावधान ही नहीं है।
पार्टी ने सरकार से मांग की है कि पिछले एक वर्ष में की गई घोषणाओं पर श्वेत पत्र जारी करे और योजना के मद के अनुसार उसकी राशि का भी ब्योरा दिया जाए। केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को कई विकास योजनाएं दी हैं। पार्टी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जितने भी विकास कार्य हो रहे हैं वे सभी केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के माध्यम से हो रहे हैं।
Published By Ashok Chauhan