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बाली को मंच पर जगह न देने के मामले पर सीएम ने दिया ये जवाब

Mon, 26 Dec 2016 10:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पालमपुर (कांगड़ा)
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कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की रैली में मंच पर परिवहन मंत्री जीएस बाली के लिए सीट न होने की बात को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने नकार दिया है। उन्होंने कहा कि इस बात में कोई सच्चाई नहीं है। एसपीजी की लिस्ट में उनका नाम नहीं था, यह कहना गलत है। उन्हें मंच पर जगह न देने का सवाल ही पैदा नहीं होता। 
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कहा कि पहली बार इतना बड़ा मंच था, जिसमें सभी मंत्रियों, विधायकों और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को बैठने के लिए जगह थी। मंच पर करीब 45 लोगों की बैठने की जगह बनी थी। उन्होंने बाली का नाम लिए बिना कहा कि परिवहन मंत्री रैली में कब आए, पता ही नहीं चला। पत्रकारों के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की ओर से राज्यपाल को सौंपी गई चार्जशीट रद्दी की टोकरी में फेंकने वाली है। 

हालांकि, अभी तक उन्होंने इसे पढ़ा नहीं है, लेकिन इस चार्जशीट में अधिकांश बातें झूठी हैं। इससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। प्रदेश में विकास कांग्रेस की देन है। कांग्रेस ने हर क्षेत्र में बराबर विकास किया है। यही कारण है कि जनता आज कांग्रेस सरकार के साथ खड़ी है।
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कहा कि विकास के दम पर कांग्रेस आगामी विस चुनावों में भी  जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा जो सपने ले रही है, वे बीच में ही टूट जाएंगे। उधर, परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि वह अपनी बात 26 दिसंबर को प्रेस वार्ता में कहेंगे। इसमें वे सभी तथ्य पेश करेंगे।

मां चामुंडा ने मुझे दूसरी बार बुलाया है: सीएम

चामुंडा मंदिर में रविवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शीश नवाया और मां का आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंदिर में सीएम ने विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर पहुंचने पर सीएम का मंदिर प्रशासन ने स्वागत किया। मंदिर के पुजारी महंदो ने रक्षा कवच के रूप में मोली बांधी और मां के आशीर्वाद स्वरूप मां की चुनरी भेंट की।

साथ लगते नंदिकेश्वर धाम में पुजारी बॉबी गोस्वामी और पंकज गोस्वामी ने विधिवत पूजा-अर्चना करवाई। मुख्यमंत्री ने मां चामुंडा के चरणों में अर्पित होने वाला हलवा भी ग्रहण किया। विजिटर किताब में उन्होंने लिखा कि मां चामुंडा ने मुझे दूसरी बार बुलाया है। यहां

आकर में धन्य हो गया। उपायुक्त कांगड़ा सीपी वर्मा और मंदिर अधिकारी गिरजेश चौहान ने सीएम को मंदिर के सौंदर्यीकरण के कार्यों की जानकारी दी। उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष बृज विहारी बुटेल यादवेंद्र गोमा, एसपी संजीव गांधी और मधुबाला आदि मुख्य रूप से मौजूद रहीं।      
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वेटरनरी फार्मासिस्टों को मिले अच्छा प्रशिक्षण: वीरभद्र

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि पशुपालन विभाग पालमपुर में फार्मासिस्टों को अच्छा प्रशिक्षण मिलना चाहिए। विभाग के विशेषज्ञ उन्हें प्रशिक्षण दें। उसके बाद ही उन्हें स्वतंत्र कमान सौंपनी चाहिए, ताकि पशुओं को कोई नुकसान न हो। मुख्यमंत्री पालमपुर में रविवार को राज्य स्तरीय वेटरीनेरियनस संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। 

कहा कि हिमाचल एक कृषि प्रधान प्रदेश है। इसमें कृषि के साथ पशुपालन लोगों की आर्थिकी की रीढ़ है। लिहाजा, प्रदेश में पशुपालन बेहतर तरीके से होना चाहिए। कहा कि खज्जियां में पुराने समय से बनी गौशाला का कायाकल्प किया जाएगा। जो लोग पशुशालाओं को बेहतर तरीके से चला रहे हैं, उन संचालकों को सरकार के गौवंश संवर्द्धन बोर्ड से धनराशि दी जाती है। 

बोर्ड में करीब दस करोड़ का प्रावधान किया है। उन्होंने राज्य भर से आए पशु चिकित्सकों की मांगों पर कहा कि सरकार इस पर सहानुभूति से विचार कर रही है। विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने कहा कि प्रदेश में पशुपालन लोगों की आर्थिकी का साधन बन चुका है। इसके लिए पशु चिकित्सक बेहतर कार्य कर रहे हैं। उनकी मांगों को सरकार के समक्ष रखा जाएगा। 

दूध पशु ही देंगे, मशीनें नहीं
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस बात पर चिंता जाहिर की कि लोग पशुओं को बूढ़ा होने या दूध न देने पर बेसहारा छोड़ रहे हैं। बाद में इन पशुओं को ही आवारा कहा जा रहा है। पशुओं को बाहर छोड़ देना हमारी संस्कृति के खिलाफ है। कृषि में भी भले ही मशीनीकरण का युग है, लेकिन दूध पशु ही देंगे, मशीनें नहीं। इसके लिए पशु चिकित्सक पशुओं की बेहतर नस्ल तैयार करें। 
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