केंद्र में सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वीरवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में औपचारिक मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने हिमाचल को विशेष श्रेणी राज्यों की तर्ज पर 90:10 के अनुपात में बजट आवंटन करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने पीएम से कहा कि हिमाचल के लोगों को केंद्र सरकार से बहुत अपेक्षाएं हैं।
प्रधानमंत्री बनने पर नरेंद्र मोदी को बधाई देने के बाद वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य के पास बेहद सीमित संसाधन हैं। प्रदेश के लोग विकास के साथ पर्यावरण की भी रक्षा कर रहे हैं।
इसके प्रदेश को विशेष मदद मिलनी चाहिए। उन्होंने राज्य के विशेष औद्योगिक पैकेज को भी बहाल करने का अनुरोध किया।
वीरभद्र सिंह ने राज्य की क्षमताओं के बारे में प्रधानमंत्री को अवगत करवाते हुए कहा कि प्रदेश में पनबिजली परियोजनाएं, इको टूरिज्म और अन्य पर्यावरण मित्र उद्योग स्थापित किये जा सकते हैं।
प्रदेश में उपलब्ध क्षमताओं का निजी एवं सार्वजनिक सहभागिता से दोहन करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें भारत सरकार की मध्यस्थता की जरूरत है। उन्होंने मांग की कि पूर्वोत्तर राज्यों की तरह अनुदान पर हेलिकॉप्टर सेवाएं शुरू की जाएं।
भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने का भी आग्रह किया। इस पर प्रधानमंत्री ने हिमाचल को हर संभव सहयोग करने का भरोसा दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने वित्तमंत्री अरुण जेटली, गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी अलग-अलग मुलाकात की।
प्रदेश के लिए मांगी विशेष मदद
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को प्रदेश की वित्तीय हालत से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि 13 वें वित्त आयोग की ओर से सूबे की देनदारियों का कम आकलन किए जाने से प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
इस मामले में प्राथमिकता के आधार पर मध्यस्थता का आग्रह करते वीरभद्र सिंह ने प्रधानमंत्री से योजना आयोग को प्रदेश के लिए विशेष केन्द्रीय सहायता और विशेष योजना सहायता दिलाने का आग्रह किया।