मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने बेटे विक्रमादित्य सिंह के लिए शिमला ग्रामीण विधानसभा सीट छोड़ने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि टिकट के लिए वह हाईकमान से पैरवी करेंगे। मंगलवार को होटल पीटरहॉफ में आयोजित शिमला ग्रामीण महासम्मेलन में सीएम ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह भले ही उम्र में छोटे हों लेकिन वह नौजवान होने के साथ अच्छी सोच रखते हैं।
शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए इनसे बेहतर उम्मीदवार कोई नहीं हो सकता। विक्रमादित्य में जोश के साथ होश भी है। उन्होंने कहा कि मार्ग दर्शन मेरा रहेगा। सीएम ने लोगों से आह्वान किया - मेरी बातों पर अमलीजामा पहनाए जाने से मुझे बहुत प्रसन्नता होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा - जब मैं 25 साल का था, तब से अब तक लोगों की सेवा करता आ रहा हूं। शिमला ग्रामीण के लोगों के साथ मेरा अटूट संबंध है और आगे भी रहेगा। लेकिन एक वक्त आता है, जब आदमी को आराम करना चाहिए।
सभागार में अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री एक मिनट रुके और इस बीच लोगों की ओर नजर गढ़ाते हुए बोले - समय बदल रहा है। नौजवानों के आगे आने की जरूरत है। लेकिन मैं चुनौती देता हूं कि आज की नौजवान पीढ़ी मेरे बराबर काम करके दिखाए।
चुनाव लड़ने के लिए मेरे पास कई विकल्प
शिमला ग्रामीण विधानसभा सीट छोड़ने के बाद जब सीएम से पूछा गया कि वह किस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे? इस पर सीएम ने कहा कि हिमाचल में उनके लिए कई विकल्प खुले हैं। कई विधानसभा क्षेत्र के लोग उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र से लड़ने की इच्छा जता रहे हैं।
सेवा करने के काबिल बन गए हैं विक्रमादित्य
सीएम ने कहा कि शिमला ग्रामीण में विकास कार्यों की गंगा बही है। ऐसी कोई भी पंचायत नहीं है, जहां विकास कार्य न हुए हों। लेकिन अब विक्रमादित्य जनता की सेवा करने के लिए काबिल हो गए हैं।