मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से जुड़े आयकर रिटर्न मामले में इनकम टैक्स ट्रिब्यूनल के आदेशों को हिमाचल हाईकोर्ट में चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई 20 जुलाई तक टल गई है। वीरभद्र सिंह ने वर्ष 2009-10 की आयकर रिटर्न को लेकर इनकम टैक्स ट्रिब्यूनल के आठ दिसंबर 2016 को पारित आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ के समक्ष इस मामले पर बुधवार को सुनवाई हुई। वीरभद्र सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदंबरम ने पैरवी की, जबकि आयकर विभाग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विनय कुठियाला ने अपना पक्ष रखा।
गौरतलब है कि वीरभद्र सिंह ने आय कर टैक्स ट्रिब्यूनल के आठ दिसंबर 2016 के आदेशों के खिलाफ अपील दायर कर उनकी आयकर रिटर्न की पुन: असेसमेंट पर रोक लगाने की गुहार लगाई है। कोर्ट ने 20 जनवरी को पारित आदेशों में पुन: असेसमेंट किए जाने पर रोक तो नहीं लगाई थी, मगर यह स्पष्ट किया था कि विभाग अपने निर्णय के अनुसार आगामी कार्रवाई जारी रख सकता है।
उनकी अंतिम कार्रवाई इस अपील के अंतिम निपटारे पर निर्भर करेगी। अब विभाग का कहना है कि उन्होंने वीरभद्र सिंह की आयकर रिटर्न की दोबारा असेसमेंट कर ली है, इसलिए इस अपील में निर्णय के लिए नहीं कुछ भी बचता। आयकर विभाग की दलील है कि अब प्रार्थी चाहे तो दोबारा असेस की गई आय को उपयुक्त फोरम में चुनौती दे सकता है।