मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बुधवार को राजधानी के आरकेएमवी से ऑनलाइन 12.7 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण किए। सीएम ने आरकेएमवी के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन और सैनिक छात्रावास के साथ चौड़ा मैदान में नवीनीकृत बैडमिंटन हॉल का लोकार्पण भी किया।
इसके साथ मुख्यमंत्री ने नाभा में सरकारी कर्मचारियों के लिए 7.56 करोड़ की लागत से बने 56 आवासीय क्वार्टरों का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कला भाषा एवं संस्कृति विभाग के वुड हॉल कॉटेज के जीर्णोद्धार के लिए आधारशिला रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को खूब लगन से पढ़ाई करनी चाहिए और अपने विषय के अतिरिक्त भी अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्रमबद्ध तरीके से कॉलेज परिसर में बनने वाले अन्य भवनों का निर्माण भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को उनके घर-द्वार के समीप गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार वचनबद्ध है। सरकार लड़कियों को उच्च स्तर तक नि:शुल्क शिक्षा सुनिश्चित बना रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में व्यावसायिक संस्थान खोले जा रहे हैं, जिससे युवा राज्य के भीतर यह शिक्षा प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि बच्चों को विधानसभा के समीप स्थापित किए जा रहे डिजिटल पुस्तकालय की सुविधा का लाभ भी लेना चाहिए। इस दौरान उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल बिंटा, उपाध्यक्ष राज्य पर्यटन निगम हरीश जनारथा, निगम महापौर कुसुम सदरेट, कॉलेज प्रधानाचार्य नम्रता टिकु आदि अधिकारी और कॉलेज छात्राएं मौजूद रहीं।
47.14 करोड़ की सिंचाई योजनाओं की आधारशिला रखी
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने राज्य सचिवालय से रोहडू विधानसभा क्षेत्र के लिए 47.14 करोड़ रुपये की उठाऊ सिंचाई योजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने पारसा- छुपाड़ी-सिधरोटी सिंचाई योजना का शिलान्यास किया। इस पर 5.12 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
उन्होंने रतनाड़ी पंचायत में 5.17 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली बिजोरी सिंचाई योजना, ग्राम पंचायत शेखल में 4.75 करोड़ रुपये की लागत वाली शेखल सिंचाई योजना, जांगला पंचायत में 8.02 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली कुलगांव सिंचाई योजना, 9.55 करोड़ रुपये से खशधार सिंचाई योजना, 6.90 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली पोखरी सिंचाई योजना, 7.10 करोड़ रुपये की लागत से जामती व समीपवर्ति गांवों खरोट और धमवाड़ी सिंचाई योजना का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने श्रेष्ठ हिमाचल मोबाइल एप लांच किया
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बुधवार को श्रेष्ठ हिमाचल मोबाइल एप का शुभारंभ किया। इसके माध्यम से आम लोगों व प्रशासन को अपराध, आपदा, कूड़ा-कचरा, वनो में चोरी अथवा आग, सड़क दुर्घटनाओं आदि की शिकायतों का समाधान करने में सहायता मिलेगी। कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से शिकायत कर सकेगा।
इस एप की विशेषता यह है कि उपयोग कर्ता को अपनी सूचना भेजने से पूर्व किसी भी पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, प्रशासनिक अथवा वन अधिकारी का चयन नहीं करना होगा, बल्कि केवल अपनी शिकायत की श्रेणी को चुन कर मामला रिपोर्ट कर सकेगा।
फोन के कैमरे के माध्यम से घटना की तस्वीर अथवा स्थान चुनना होगा। इसके आधार पर यह एप उपयोगकर्ता को जानकारी देगी कि शिकायत निवारण के लिए किस अधिकारी को चुनना है। फोटो व जीपीएस के माध्यम से स्थान की जानकारी प्राप्त होने के उपरांत संबंधित अधिकारी आगामी कार्यवाई करेंगे।
राज्य सरकार के सभी राज्य व जिला स्तरीय अधिकारियों के फोन नंबर इस एप पर उपलब्ध करवाए गए हैं। इस एप को एनआईसी हिमाचल प्रदेश ने विकसित किया है। इस एप को गुगल प्ले स्टोर, हिमाचल सरकार के वैब पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है। मुख्य सचिव वीसी फारका ने एप विकसित करने में अहम योगदान दिया है।