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230 करोड़ की प्रतिपूर्ति राशि केंद्र सरकार के पास लंबित: सीएम वीरभद्र

Mon, 24 Apr 2017 09:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली/शिमला
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के हिस्से के रूप में त्वरित सिंचाई कार्यक्रम और राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम जैसी कुछ केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए धन आवंटन में भारी कमी आई है। इसके नतीजे में इन स्कीमों के तहत चले कार्यों को पूरा करने में कठिनाई आ रही है। 
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मुख्यमंत्री रविवार को राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में नीति आयोग की शासकीय परिषद की तृतीय बैठक में बोल रहे थे। सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम के तहत 105 करोड़ रुपये और बाढ़ नियंत्रण कार्यक्रम में 125 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति राशि केंद्र सरकार के पास लंबित है। राज्य को राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत वर्ष 2013-14 में प्राप्त निधि से गत तीन वर्षों के दौरान 148 करोड़ रुपये की कम राशि मिली है।

संबंधित स्कीमों के तहत काम पूरा करने में आ रही भारी कमी

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत जहां 2013-14 में 77.40 करोड़ रुपये की राशि मिली थी, वहीं वर्ष 2016-17 में केवल 52.76 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। मुख्यमंत्री ने पर्वतीय राज्यों में कृषि क्षेत्र पर अधिक निवेश की जरूरत के दृष्टिगत राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत आवंटन में वृद्धि का आग्रह किया। 

वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य के 12 राजकीय महाविद्यालयों में वर्ष 2017-18 से 1000 विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा में स्नातक पाठ्यक्रम शुरू करने के अलावा स्नातक कोर्स के लिए कौशल विकास पाठ्यक्रमों को जोड़ा जा रहा है। राज्य ने 2016 में खुले में शौच मुक्त ग्रामीण के शत-प्रतिशत लक्ष्य को हासिल किया है। स्कूलों में सफाई और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों को पुरस्कार देने की योजना बनाई है। 

कार्य योजना तैयार कर रही सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आर्थिकी के समावेशी और स्थायी विकास के लिए 15 वर्ष का विजन, सात वर्षीय रणनीति और तीन वर्षीय कार्य योजना तैयार कर रही है। 69 अनुश्रवणीय लक्ष्यों की मदद से सतत विकास के 17 लक्ष्यों को हासिल किया जाना है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य ने आधार पंजीकरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है।

और अक्तूबर 2014 में मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी आधार के माध्यम से सीधे उनके खाते में जमा करवाने में प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। परिवार रजिस्टर को डिजिटाइज करने में भी हिमाचल पहला राज्य है और प्रदेश के सभी घरों की सूचना ऑनलाइन प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश स्मार्ट शासन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करने में बेहतर प्रयास कर रहा है।
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जीएसटी कानून पर उठाए जा रहे उचित कदम

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जीएसटी कानून पर उचित कदमउठाए जा रहे हैं। जीएसटी कार्यशालाओं और सेमीनारों का आयोजन किया जा रहा है। हेल्प डेस्क की स्थापना की जा रही है, जो व्यवसायियों की समस्याओं का समाधान करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।

सीएम वीरभद्र सिंह कल लौटेंगे
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सोमवार को भी नई दिल्ली में ही होंगे। वे मंगलवार तक ही वापस शिमला लौट सकते हैं। सोमवार को वे नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों और पार्टी नेताओं से बात कर सकते हैं। अपने खिलाफ चल रहे सीबीआई और ईडी मामलों पर भी अधिवक्ताओं से चर्चा कर सकते हैं।
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