मेजर मनकोटिया प्रकरण पर सरकार और संगठन में फूट एक बार फिर खुलकर सामने आई है। सरकार ने मनकोटिया को पर्यटन विकास बोर्ड से हटाया तो उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर कई संगीन आरोप जड़ दिए। वीरभद्र खेमा चाहता है कि मनकोटिया को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाए।
दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रकरण को लेकर पूरी तरह से चुप्पी साधे है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं अंबिका सोनी, सलमान खुर्शीद और आनंद शर्मा के सामने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
मुख्यमंत्री यह मानने को तैयार नहीं कि प्रदेश में संगठन जैसी व्यवस्था काम कर रही है। उधर, सुक्खू का मानना है कि अब तक वीरभद्र सिंह के लिए फैसलों से कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ रही है। इस सबके बीच प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी के मौन को आलाकमान की चुप्पी से जोड़कर देखा जा रहा है।
मेजर विजय सिंह मनकोटिया प्रकरण पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की चुप्पी से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह खासे नाराज हैं। पीटरहॉफ में सोमवार को विधायक दल की बैठक के बाद जब उनसे मनकोटिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने का सवाल पूछा तो उन्होंने संगठन पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में संगठन है कहां?
उन्होंने कहा कि मनकोटिया पार्टी में थे कब। वे कभी भी पार्टी में रहे ही नहीं। इतने साल वे कभी इस पार्टी तो कभी उस पार्टी में रहे, एक जगह तो कभी टिके ही नहीं। चुनाव आते ही वे इधर उधर ठिकाना तलाशने लगे हैं। पत्रकारों से बातचीत में सीएम ने कहा कि मनकोटिया ने जब दोस्ती का हाथ बढ़ाया तो हमने भी हाथ बढ़ा दिया।
इसके बाद जो कुछ भी हुआ वह सबके सामने हैं। पिछले दिनों मेजर विजय सिंह मनकोटिया को पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष पद से हटाने जाने पर उन्होंने सीएम वीरभद्र सिंह के खिलाफ कई आरोप लगाए थे। सीएम का खेमा लगातार संगठन के स्तर से मनकोटिया के खिलाफ कार्रवाई लेने की पैरवी कर रहा है।
उधर, संगठन इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है, जिससे मुख्यमंत्री की नाराजगी बढ़ गई है। वीरभद्र सिंह ने संगठन को कटघरे में खड़ा कर प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी को नाराजगी के संकेत दिए हैं। जिस दौरान मुख्यमंत्री ने यह सवाल खड़ा किया उस दौरान प्रदेश प्रभारी के अलावा वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और आनंद शर्मा दूसरे कक्ष में मौजूद थे।
संगठन को देखना है तो बूथ ब्लॉक स्तर पर देखें: सुक्खू
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर आम तौर पर सीधा हमला करने से बचने वाले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू सोमवार को तेवर में दिखे। मुख्यमंत्री के संगठन के होने पर सवाल उठाने के बाद सुक्खू ने सरकार पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा के चारों प्रत्याशियों के अलावा भोरंज विधानसभा उप-चुनाव के दौरान जहां भी कांग्रेस हारी, वहां उनकी पसंद के ही प्रत्याशी उतारे गए थे।
जबकि नगर निगम चुनाव में सरकार के साथ तालमेल कर संगठन ने प्रत्याशी उतारे और 12 से बढ़ाकर निगम में 14 सीटें हासिल की। सीधे तौर पर सीएम पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के विधानसभा क्षेत्र की दो नगर निगम की सीटें जीत लेते तो निगम में आज कांग्रेस का मेयर होता।
मुख्यमंत्री के संगठन के सवाल पर उन्होनें कहा कि संगठन देखना हो तो बूथ और ब्लॉक स्तर पर जाना चाहिए। संगठन गांवों में होता है जो दिल्ली को चिट्ठी लिख लिखकर कहता रहा है, प्रदेश संगठन सबसे अच्छा संगठन है। दावा किया कि पार्टी के 24 विधायकों ने भी दिल्ली में पार्टी हाईकमान के सामने प्रदेश संगठन की तारीफ की है।
मनकोटिया पर तैयार हो रही रिपोर्ट
मुख्यमंत्री पर हमला करने और फिर सरकार की ओर से पर्यटन बोर्ड उपाध्यक्ष पद से बर्खास्त हो चुके मेजर विजय सिंह मनकोटिया के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी सुक्खू ने स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि मामले में रिपोर्ट तैयार कर आला कमान को भेजी जा रही है, उसके आधार पर वहां से जो भी निर्देश मिलेगा, उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
कोटखाई प्रकरण जांच पर ही बंट गए सरकार और संगठन
कोटखाई के दांदी जंगल में दुराचार के बाद छात्रा की हत्या करने के मामले की छानबीन पर कांग्रेस सरकार और संगठन के प्रमुख की अलग-अलग राय है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह आरोपियों के अब तक नहीं पकड़े जाने के बावजूद शिमला पुलिस पर भरोसा जताए हुए हैं और स्थानीय लोगों को धीरज रखने की सलाह दे रहे हैं।
वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपनी ही सरकार की पुलिस की जांच पर ही उंगली उठा ली है। सुक्खू तो सुस्त एवं लापरवाह पुलिस अफसरों पर कार्रवाई करने और किसी नई एजेंसी को जांच दिलाए जाने तक की बात कर रहे हैं।
सीबीआई जांच नहीं, पुलिस कर रही अपना काम
कोटखाई में किशोरी से दुराचार और हत्या प्रकरण में अभी तक आरोपियों को नहीं पकड़े जाने पर स्थानीय लोगों की सीबीआई जांच की मांग पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि कोटखाई के लोग जरूरत से ज्यादा होशियार हैं, लेकिन पुलिस जांच में जुटी है, जल्द आरोपी पकड़े जाएंगे।
राज्यपाल से मिलकर स्थानीय लोगों की प्रकरण पर सीबीआई जांच की मांग की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामला बेहद संवेदनशील और दुखद है। इस घटना को लेकर सरकार बेहद गंभीर है, पुलिस को सख्त निर्देश हैं कि जल्द आरोपियों को पकड़ा जाए।
जांच में समय लग रहा है, लेकिन लोग जल्दबाजी न दिखाएं। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से सहायता राशि दी जा रही है। हालांकि, आर्थिक मदद से किसी के नुकसान की भरपाई नहीं सकती है।
लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि पुलिस की जांच से कांग्रेस पार्टी खुश नहीं है। सुस्ती से जांच कर रहे लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। सुक्खू ने सोमवार को कहा कि सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेने की जरूरत है। जिस तरह की घटना कोटखाई में हुई है, उसने एक खतरनाक हालात को सामने लाया है।
कांग्रेस पार्टी लड़की से घिन्नौनी हरकत और उसकी हत्या की निंदा करती है। मामला दर्ज होने के चार दिन बाद भी किसी सुराग का नहीं मिल पाना दुखद है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच किसी अलग एजेंसी को दे देनी चाहिए, जो चुस्ती और निष्पक्षता से छानबीन कर सके। पार्टी की उस परिवार के प्रति सहानुभूति है, जिसके साथ यह हादसा हुआ है।
मनकोटिया प्रकरण पर रिपोर्ट मिलने के बाद विचार
मनकोटिया प्रकरण पर कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी ने कहा कि प्रदेश संगठन की ओेर से जब रिपोर्ट मिलेगी, तो उस पर विचार किया जाएगा। राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी मीरा कुमार के साथ पहुंची अंबिका सोनी ने संगठन और सरकार में चल रहे विवाद को लेकर चुप्पी साधे रखी।
संगठन को लेकर मुख्यमंत्री के बयान पर पूछे सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं अभी कुछ नहीं बोल सकती। कुछ दिनों बाद शिमला आऊंगी तो बात करूंगी। मनकोटिया के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर लगाए संगीन आरोपों के बाद पार्टी के पक्ष पर भी अंबिका ने स्थिति अस्पष्ट रखी। हालांकि इस मौके पर केंद्र को कोसने से बाज नहीं आई।
उन्होंने कहा कि श्रीनगर में नौ किलोमीटर लंबी टनल का उद्घाटन किया, लेकिन उसकी नींव यूपीए ने रखी थी। भाजपा उसका श्रेय ले रही है। वे रथ यात्रा निकाल रहे हैं तो हम भी पथयात्रा निकाल रहे हैं। हमारे प्रचार का तरीका अलग है। उन्होंने बताया कि चुनाव को लेकर पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी सहित वरिष्ठ नेता हिमाचल आएंगे। वे खुद प्रदेश में प्रवास करेंगी।