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गुड़िया मामले में CM के बिगड़े बोल, देश-प्रदेश में होती रहती हैं ऐसी घटनाएं

Thu, 20 Jul 2017 09:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पधर (मंडी)
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने गुड़िया गैंगरेप मर्डर केस में विवादास्पद बयान दिया है। वीरभद्र ने कहा कि ऐसा कोई देश या प्रदेश नहीं है, जहां अपराध नहीं होता। रेप और मर्डर जैसी घटनाएं होती रहती हैं लेकिन मीडिया इस मामले को जिस तरह दिखा रहा है उससे लगता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्‍था चरमरा गई हो। 
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सीएम ने कहा कि अपराधियों के लिए सरकार ने कानून बनाया है। उन्होंने कहा कि सूचना मिली है कि कोटखाई पुलिस थाने में गुड़िया मामले के आरोपी को दूसरे आरोपी ने प्राइवेट पार्ट में चोट पहुंचाकर मौत के घाट उतारा है। दोनों आरोपी एक ही सेल में रखे गए थे। हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पूरा थाना लाइन हाजिर किया गया है। कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। 

सीएम बोले- जो मारा गया, वह मुख्य आरोपी नहीं

घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारी भी नपेंगे। गुड़िया की आत्मा को तब तक शांति नहीं मिलेगी, जब तक गुनहगारों को सजा नहीं मिलती। सीएम बोले - गुनहगारों को मौत की सजा होनी चाहिए। सीएम पधर में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गुड़िया प्रकरण में मीडिया भी आग में घी डालने का काम कर रहा है। 

छोटी-छोटी बातों को इस तरह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, जैसे प्रदेश का लॉ एंड ऑर्डर ब्रेक हो गया हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पत्राचार कर मामला सीबीआई को सौंपा गया है। प्रदेशाध्यक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर सीएम बोले - सभी अपनी बात कहने को स्वतंत्र हैं। सरकार अपना काम कर रही है।

कहा कि यह संगठन एक परिवार है। उसमें इस तरह की बातें होती रहती हैं।  सीएम ने कहा कि हत्या का मामला ऐसा हो गया है कि जैसे किसी प्लॉट में सब प्लॉट हो जाता है। जो मारा गया है, वह मुख्य आरोपी नहीं है। उसने पुलिस बयान में कहा है कि वह मुख्य आरोपी नहीं है। उन्होंने कहा कि हिमाचल पुलिस अच्छा काम कर रही है। भाजपा इस मामले को मूवमेंट मानकर अपना काम चला रही है।

जोगिंद्रनगर आए बिना ही शिमला लौट गए सीएम, सभी समारोह रद्द

जोगिंद्रनगर(मंडी)। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का जोगिंद्रनगर दौरा रद्द हो गया है। एसडीएम दीप्ति मंढ़ोत्रा ने इसकी पुष्टि की है। दौरा रद्द होने पर उद्घाटन और शिलान्यास के सभी प्रस्तावित कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।

गुड़िया प्रकरण मामले के आरोपी की हिरासत में मौत से हालात बिगड़ने पर मुख्यमंत्री अपना दौरा बीच में ही छोड़ कर पधर से शिमला लौट गए।

इससे स्थानीय लोगों में निराशा का माहौल है। जोगिंद्रनगर में मुख्यमंत्री का दौरा एन मौके पर तीसरी बार रद्द हुआ है। पांच साल में मुख्यमंत्री केवल दो बार ही जोगिंद्रनगर आए हैं। लोग इस बार कई बड़ी घोषणाओं की आस लगाए बैठे थे। मिनी सचिवालय के भवन का लोकार्पण नहीं हो सका।

सांसद अनुराग ने लोकसभा में उठाया गुड़िया का मामला

गुड़िया प्रकरण को लेकर प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था का मुद्दा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में उठाया। सांसद ने शून्यकाल में मामले को उठाते हुए प्रदेश सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। भाजपा सांसदों और विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ से मिलकर वीरभद्र सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग उठाई।

राजनाथ सिंह को सौंपे ज्ञापन में प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को बेहद गंभीर बताया। कोटखाई में गुड़िया के साथ दुराचार के बाद निर्मम हत्या के मामले में सरकार पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि मुख्यमंत्री के फेसबुक पेज से कथित आरोपियों की फोटो अपलोड की जाती है।

उसके बाद उसे हटा लिया जाना मामले में हुई लीपापोती को दर्शाता है। फेसबुक पर दिखाए कथित आरोपियों की जगह पुलिस अन्य लोगों को गिरफ्तार करती है। इससे लोगों में आक्रोश भड़का। बताया कि पकड़े गए एक आरोपी की हिरासत में संदिग्ध मौत से कानून व्यवस्था के हालात की नाजुक स्थिति सामने आई है।

राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग उठाई

वहीं, शिमला में युग हत्याकांड, मंडी में फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत, कुल्लू में नाबालिग लड़की का बलात्कार, सिरमौर में शादीशुदा महिला का अपहरण और बलात्कार, परवाणू में नाबालिग के गायब होने जैसे कई मामले हैं, जिनमें आरोपी नहीं पकड़े गए हैं।

ज्ञापन सौंपने वालों में सांसद शांता कुमार, जेपी नड्डा, अनुराग ठाकुर, वीरेंद्र कश्यप, रामस्वरूप शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती, पूर्व सांसद सुरेश चंदेल, विधायक विजय अग्निहोत्री, भाजयुमो के राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रमुख चेतन बरागटा शामिल थे।

कोटखाई प्रकरण पर लोकसभा में अनुराग ने सरकार की कार्यप्रणाली और प्रकरण में अब तक सरकार स्तर से लिए फैसलों पर सवाल उठाए। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले को सुलझाने की मांग की है।

कहा कि गुड़िया प्रकरण के साथ प्रदेश में हुई आपराधिक वारदातों से लगता है कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। हालांकि, इतने गंभीर मामले में भी कुछ कांग्रेस सांसदों ने अनुराग के रखे तथ्यों पर आपत्ति जताई। 

सचिवालय के बाहर भाजपा का चक्का जाम आज

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता महेंद्र धर्माणी - फोटो : File Photo
गुड़िया मामले को लेकर भाजपा वीरवार को सचिवालय के बाहर चक्का जाम करेगी। पार्टी ने वीरवार को जिला शिमला बंद का आह्वान भी किया है। वीरवार को शिमला सहित पूरे जिले में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे जाएंगे। इसी कड़ी में शुक्रवार को पार्टी प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों के बाहर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी।

मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया जाएगा। भाजपा ने कोटखाई में गुड़िया के रेप और मर्डर मामले में आरोपी नेपाली मूल के व्यक्ति की पुलिस कस्टडी में हुई मौत पर गहरा रोष व्यक्त किया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता महेंद्र धर्माणी ने कहा कि यह दुखदायी घटना पुलिस प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाती है।

पार्टी मामले को लेकर प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करेगी। भाजपा ने वीरवार को शिमला और महासू संगठनात्मक जिलों में बंद का आह्वान किया है। कहा कि भाजपा कार्यकर्ता सड़कों में उतरेंगे और प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।

भाजपा 21 जुलाई को पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर धरने प्रदर्शन करेगी और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया जाएगा। महेंद्र धर्माणी ने जुब्बल कोटखाई में स्थानीय जनता की ओर से मामले का विरोध करने और विरोध करने वालों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने की कड़ी निंदा की है।

सीएम को एक मिनट भी सत्ता में रहने का हक नहीं: बिंदल

नाहन (सिरमौर)। गुड़िया गैंगरेप और हत्या के बाद अब पुलिस लॉकअप में एक आरोपी की हत्या के बाद राज्य सरकार पर विपक्ष का हमला तेज हो गया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं नाहन के विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र ङ्क्षसह को एक मिनट भी सत्ता में रहने का हक नहीं है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू को भी अब अपना स्टैंड स्पष्ट करना होगा कि वे सरकार के साथ हैं या विरोध में। यहां जारी बयान में बिंदल ने कहा कि सरकार के मंत्रियों को भी यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे गुड़िया के हत्यारों को बचाना चाहते हैं या सजा दिलाना चाहते हैं।

सत्ता पक्ष के विधायकों को भी आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि चंद पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड करके सरकार एवं मुख्यमंत्री नहीं बच सकते। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और मुख्यमंत्री कुर्सी का मोह नहीं छोड़ते हैं तो राज्यपाल को चाहिए कि वह इस सरकार को भंग करें और राष्ट्रपति शासन लगाएं।

प्रदेश में लागू हो राष्ट्रपति शासन: मनकोटिया

मेजर विजय सिंह मनकोटिया - फोटो : File Photo
शाहपुर (कांगड़ा)। पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने गुड़िया रेप मामले में जेल में बंद एक आरोपी की संदिग्ध मौत पर रोष जताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को उनके पद से हटाकर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है।

मनकोटिया ने जारी प्रेस बयान में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह दिल्ली में चल रहे ईडी और सीबीआई मामलों में इतना उलझ गए हैं कि वे सरकार नहीं चला पा रहे हैं।

इस कारण प्रदेश में कानून व्यवस्था का दिवाला निकल गया है। यह मामला पहले ही संवेदनशील बना हुआ था, बावजूद इसके पुलिस कस्टडी में एक आरोपी की मौत हो जाना अपने आप में कई सवाल पैदा करता है।

कहा कि हिमाचल में पहली दफा हुआ होगा, जब पुलिस को भीड़ पर काबू पाने के लिए हवाई फायर तक चलाने पड़े। इससे पहले कि मामला और बिगड़े तथा लोगों का आक्रोश उग्र हो, मुख्यमंत्री को अपने पद से त्याग पत्र दे देना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपति से भी राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है।
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कोताही बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई की जरूरत: बाली

परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि कोताही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। इनकी नाकामियों से सरकार के रूप में हम जनता का विश्वास खो रहे हैं।

सोशल मीडिया में अपडेट कर बाली ने कहा कि मैं शुरू से कह रहा हूं कि जनता का विश्वास ही एक सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है।

उन्होंने लिखा है कि कोटखाई प्रकरण और अब थाने परिसर में कथित आरोपी की मौत से व्यक्तिगत रूप से मुझे बहुत दुख हुआ है। उन्होंने जनता से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है। कहा कि विरोध शांतिपूर्ण तरीके से दर्ज करवाना चाहिए।
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