मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह और युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह द्वारा उनकी आयकर असेसमेंट को दोबारा जांचने के आयकर विभाग के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर प्रदेश हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई नहीं हो पाई।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश होने वाले अधिवक्ताओं ने मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट से आग्रह किया कि उन्हें इन मामलों में याचिकाकर्ताओं से जरूरी जानकारी एकत्रित करनी है, ऐसे में इन मामलों को किसी और दिन सुनवाई के लिए कोर्ट में लगाया जाए।
इसे स्वीकारते हुए न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने मामले को 14 दिसंबर को लिस्ट करने के आदेश दिए। आयकर विभाग की ओर से पेश होने वाले अधिवक्ता का नाम कॉज लिस्ट में न छपने के कारण कोर्ट ने हाईकोर्ट रजिस्ट्री
को भी हिदायत दी कि मामले में आयकर विभाग की ओर से पेश होने वाले अधिवक्ता का नाम कॉज लिस्ट में दर्शाया जाए। मामले के अनुसार वित्तीय वर्ष 2012-2013 में इन्होंने अपनी कुल आय का ब्योरा आयकर विभाग को देते हुए रिटर्न जमा करवाई थी।
आयकर विभाग ने रिटर्न में खामियां पाते हुए प्रार्थियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। 24 नवंबर, 2016 को विभाग ने दोबारा आंकलन को खोलने के आदेशों के खिलाफ दायर की गई आपत्तियों को खारिज कर दिया। इन्हीं आदेशों को प्रार्थियों ने हाईकोर्ट में रिट याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी है।