हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह ने सोमवार को अपनी वह अर्जी वापस ले ली, जिसमें उन्होंने सीबीआई पर कानूनी प्रक्रिया का पालन न करने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि सीबीआई ने जांच करने से पहले राज्य सरकार की अनुमति नहीं ली थी।
पटियाला हाउस स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार गोयल के समक्ष प्रतिभा सिंह की ओर से पेश अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने आवेदन वापस लेने की इजाजत मांगी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। अदालत ने उन्हें दोबारा अर्जी दायर करने की छूट प्रदान की है।
सीबीआई ने वीरभद्र सिंह और प्रतिभा सिंह सहित नौ लोगों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में 3 अप्रैल को आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। चार्जशीट पर सुनवाई के लिए अदालत ने 3 मई की तारीख तय की है।
सीबीआई ने इस आरोप पत्र में वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, एलआईसी एजेंट आनंद चौहान उनके सहयोगी चुन्नी लाल, जोगिंद्र सिंह घट्टा, प्रेमराज, लवन कुमार रोच, वाकामुल्ला चंद्र शेखर और राम प्रकाश भाटिया को आरोपी बनाया है।
सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं 109, 465, 471 और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13(2), उपधारा 13(1)(ई) के प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दायर किया है। अपनी रिपोर्ट में सीबीआई ने करीब 222 गवाहों की भी सूची पेश की है।