जिला शिमला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर सीएम वीरभद्र सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू का फैसला पलट दिया है। सीएम वीरभद्र सिंह की जिद के आगे झुकते हुए प्रदेश कांग्रेस संगठन ने रितेश कपरेट को जिला शिमला ग्रामीण के कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटाकर नई तैनाती दी है।
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कपरेट को अब हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का संगठन सचिव नियुक्त किया गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव रितेश कपरेट के पास जिला कांग्रेस शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार था। वीरभद्र के करीबी यशवंत छाजटा को नया अध्यक्ष बनाने के बाद अब रितेश कपरेट से कार्यकारी अध्यक्ष का कार्यभार वापस लिया गया है।
वे संगठन सचिव होंगे। ऐसे में न तो रितेश कपरेट को नाराज किया गया और न ही यशवंत छाजटा के साथ अब समानांतर अध्यक्ष की तैनाती रहेगी। इससे पहले रितेश कपरेट एनएसयूआई से लेकर युवा कांग्रेस तक प्रदेश के अहम पदों पर रह चुके हैं।
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रितेश कपरेट युवा कांग्रेस के जिला शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं। बाद में प्रदेश युवा कांग्रेस के चुनाव के माध्यम से निर्वाचित महासचिव पद पर रहे हैं। वर्तमान में कपरेट प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव पद पर तैनात हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रितेश कपरेट को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का संगठन सचिव नियुक्त किया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और मीडिया विभाग के प्रवक्ता नरेश चौहान ने कहा है कि इनकी निष्ठा और कर्मठता को देखते हुए यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएगी।
रितेश कपरेट इससे पहले जिला शिमला ग्रामीण कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर कार्य कर चुके हैं। वे ईमानदार कार्यकर्ता हैं और अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाएंगे। कांग्रेस पार्टी की मजबूती के लिए काम करते रहेंगे।
पीसीसी उपाध्यक्ष के खिलाफ अनुशासनहीनता का प्रस्ताव
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह के विस क्षेत्र में ही कांग्रेस में गुटबाजी खुलकर सामने आई है। मंगलवार को आईपीएच के रेस्ट हाउस बिजणी में द्रंग कांग्रेस की बैठक हुई। इसमें प्रदेश उपाध्यक्ष पूर्ण चंद ठाकुर के खिलाफ अनुशासनहीनता का प्रस्ताव पारित किया गया।
इस पैंतरे के बाद कौल सिंह की सिंगल टिकट की दावेदारी पर मुहर लग गई है। पीसीसी उपाध्यक्ष भी क्षेत्र से टिकट की दावेदारी कर रहे थे। बैठक में आरोप लगाए गए कि पीसीसी उपाध्यक्ष स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ कार्य कर रहे हैं। पार्टी की बैठकों में नदारद रहते हैं।
उपाध्यक्ष के खिलाफ पार्टी से निष्कासन का प्रस्ताव प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू को भेजा है। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष प्रेम सिंह ठाकुर ने की। पीसीसी सचिव वामन देव ठाकुर, जिला उपाध्यक्ष विजेंद्र ठाकुर, जिला कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक ओमप्रकाश ठाकुर के अलावा केहर सिंह ठाकुर, जिला
महासचिव जोगिंद्र गुलेरिया, चंद्रशेखर ठाकुर, नीमेराम, जगरनाथ सकलानी, चंद्रमणि ठाकुर, बीसीसी उपाध्यक्ष रामलाल ठाकुर, घनश्याम ठाकुर, रति राम, लेखराम ठाकुर, सेवादल चीफ राम सिंह, महिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्जला, रेशमा, रोशन महंत, दलीप सिंह, प्रेम सिंह और घनश्याम मौजूद रहे। उधर, मंडी जिला
कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने प्रस्ताव पारित होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि बैठक की सूचना उन्हें दी गई है। मामला आलाकमान के पास जा चुका है। वही इस मामले में निर्णय लेंगे।
जनता बोलेगी तो आजाद लडू़ंगा
पीसीसी उपाध्यक्ष पूर्ण चंद ने कहा कि वे तीस साल से पार्टी के वफादार रहे हैं। कभी भी दल नहीं बदला। उन्होंने कभी स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की। जहां तक पार्टी से निष्कासन की बात है तो वह इनके कहने पर नहीं होगी। कुछ भितरघाती इस षड्यंत्र को अंजाम दे रहे हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस की एकजुटता के लिए यह आचरण ठीक नहीं होगा। यदि जनता चाहेगी तो वे द्रंग विधानसभा क्षेत्र से बतौर आजाद उम्मीदवार लडे़ंगे।
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर तीन अंक को शुभ मानते हैं। इस शुभ तिथि पर मंगलवार को उन्होंने अपनी कर्मभूमि द्रंग निर्वाचन क्षेत्र से टिकट के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी को आवेदन किया। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर के आवेदन करने पर बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह दिखा। कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई।