स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल कर हिल्सक्वीन शिमला को सिटी ब्यूटीफुल बनाया जाएगा। शहर के लोगों और देश विदेश से आने वाले सैलानियों के लिए शिमला सुविधाजनक और आकर्षक बनेगा। वीरवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में बैठक के दौरान शिमला को संवारने का प्लान बनाया गया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ब्यूटीफिकेशन ऑफ मालरोड प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने और ऐतिहासिक टाउन हाल के जीर्णोद्धार का काम चार महीने के भीतर पूरा करने के आदेश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शहर की सड़कें चौड़ी करने के काम में तेजी लाने और जल्द से जल्द सब्जी मंडी को दाड़नी बागीचा, अनाज मंडी और टिंबर मार्केट को शनान और मल्याणा शिफ्ट करने के भी आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान टूटीकंडी क्रॉसिंग पर बन रही मल्टीस्टोरी पार्किंग का काम जल्द पूरा करने और टूटीकंडी मालरोड रोपवे का काम शुरू करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने नगर निगम को कृष्णानगर में जल्द कालोनी का निर्माण करने और शहर में प्राकृतिक जल स्रोतों बावड़ियों का जीर्णोद्धार करने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने शहर में लंबित कार्यों को लेकर 20 फरवरी को समीक्षा बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को उपस्थित रहने के भी निर्देश दिए। बैठक में शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा, एचपीटीडीसी उपाध्यक्ष हरीश जनारथा, मुख्य सचिव वीसी फारका, मुख्यमंत्री के सलाहकार टीजी नेगी, अतिरिक्त प्रधान सचिव मनीषा नंदा, सचिव अनुराधा ठाकुर, मोहन चौहान, दिनेश मल्होत्रा सहित नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
टुटू, पंथाघाटी में 36 करोड़ से बनेंगे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
शहर में करोड़ों की लागत से दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने को मंजूरी मिल गई है। पंथाघाटी और टुटू में ये प्लांट बनेंगे। इन इलाकों में हजारों की तादाद में लोग रहते हैं, जिनके घर सीवरेज लाइनों से नहीं जुड़े हैं। इस कारण सीवरेज खुले में बहता है और बीमारियां फैलती हैं। शहर में पीलिया से करीब 24 लोगों की जान चली गई थी। एसटीपी बन जाने से हर घर सीवरेज लाइनों से जुड़ जाएगा और बीमारियां पनपने की संभावना नहीं रहेगी। प्लांट लगाने के लिए पंथाघाटी और टुटू में जगह का चयन कर लिया गया है।
टुटू में सरकारी भूमि पर एसटीपी बनाया जाएगा। पंथाघाटी में निजी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। पंथाघाटी एसटीपी 10 करोड़ और टूटु एसटीपी करीब 26 करोड़ की लागत से बनाया जाना है। यह कार्य नगर निगम के अमृत मिशन में किया जाना है। पंथाघाटी में बनने वाले एसटीपी की क्षमता एक एमएलडी और टुटू वाले एसटीपी की क्षमता 2 एमएलडी होगी। एसटीपी बनाने से पहले इन क्षेत्रों में सीवरेज लाइनें बिछाई जाएंगी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इन्हें एसटीपी से जोड़ दिया जाएगा। मौजूदा समय में शहर में छह एसटीपी हैं। ये ढली, मल्याणा, समरहिल, लालपानी, सनोडन और नॉर्थ डिस्पोजल में हैं।
प्रेजेंटेशन में बताई उपलब्धियां, मुख्यमंत्री ने सराहे प्रयास
समीक्षा बैठक के दौरान निगम आयुक्त पंकज राय ने प्रेजेंटेशन के जरिये नगर निगम की उपलब्धियाें और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। पीलिया से बचाव और पानी की किल्लत से निपटने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी बताया। आयुक्त ने क्रमवार निगम के सभी विभागों की उपलब्धियां बताई। आयुक्त ने बताया कि शहर में छह वर्षा शालिकाओं का निर्माण पारंपरिक शैली में करवाया गया है। इसी तरह की नौ और वर्षा शालिकाएं बनाई जानी हैं। रिज में टका बैंच के पास बुक कैफे का निर्माण चल रहा है।
शहर में पांच ई-टायलेट और सभी वार्डों में वाटर एटीएम स्थापित करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री को नगर निगम कार्यालय में जगह की कमी, नगर निगम क्षेत्र में विस्तार के बाद स्टॉफ की कमी, अमृत और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए अतिरिक्त अधिकारियों की दरकार से अवगत करवाते हुण् एमसी एक्ट में आवश्यक संशोधन का मुद्दा भी उठाया।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने नगर निगम के प्रयासों को सराहते हुए भविष्य में विकास कार्यों को और अधिक रफ्तार देने के आदेश दिए। उन्होंने शहर की सड़कों और गलियों की हालत में हुए सुधार के लिए नगर निगम की प्रशंसा की। उन्होंने नई स्ट्रीट लाइटों के बाद जगमगाते शिमला के लिए भी नगर निगम को सराहा।
कुत्तों के आश्रय गृह का सही संचालन करने के आदेश
मुख्यमंत्री ने कुत्तों के लिए टूटीकंडी में बनाए गए आश्रय गृह का सही संचालन करने के आदेश दिए हैं। आश्रय गृह में तुरंत पशु चिकित्सक और स्टॉफ की तैनाती के लिए भी कहा है। शहर में बढ़ते आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर निगम अधिकारियों ने न्यायालयों में चल रहे मामलों के कारण पैदा हुई पेचीदगी की जानकारी दी।
जल्द बने संजौली खेल परिसर, एलईडी स्क्रीन भी लगे
एचपीटीडीसी के उपाध्यक्ष हरीश जनारथा ने जल्द संजौली खेल परिसर का निर्माण कार्य पूरा करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इंदिरागांधी खेल परिसर की तर्ज पर संजौली में भी बड़ी एलईडी स्क्रीन स्थापित की जाए। उन्होंने लक्कड़ बाजार से संजौली तक सड़क की खराब स्थिति का भी मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 25 मार्च से पहले ताराहाल, चैल्सी और संजौली कालेज के पास बनने वाले पैदल पुलों का निर्माण कार्य शुरू करने के आदेश दिए।