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सीएम का एलान, हिमाचल की दूसरी राजधानी बनेगी धर्मशाला, ये घोषणाएं भी हुई

Fri, 20 Jan 2017 11:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
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धर्मशाला को विंटर कैपिटल घोषित करने के एक दिन बाद ही मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इसे हिमाचल प्रदेश की दूसरी राजधानी का दर्जा देने का एलान कर दिया है। विंटर कैपिटल होने पर सर्दियों में ही प्रदेश सरकार के धर्मशाला में बैठने की बात की जा रही थी।
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लेकिन दूसरी राजधानी होने पर सरकार कभी भी धर्मशाला जा कर कामकाज को रफ्तार दे सकती है। सरकारी अमला भी धर्मशाला से ही कामकाज देखेगा। चुनावी साल में इस एलान को निचले हिमाचल के वोटरों को लुभाने के लिए मास्टर स्ट्रोक के तौर पर देखा जा रहा है।

धर्मशाला को दूसरी राजधानी का दर्जा देने की जानकारी सरकार की ओर से वीरवार को बाकायदा प्रेस नोट जारी कर दी गई। इससे पहले भी राजधानी का मामला कई बार उठ चुका है। अब देखना होगा कि इसकी अधिसूचना कब जारी होती है।
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि धर्मशाला का अपना अलग महत्व और इतिहास है। यह प्रदेश की दूसरी राजधानी बनने के लिए उपयुक्त स्थल है। हिमाचल के निचले क्षेत्रों कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर और ऊना जिलों के लिए धर्मशाला का विशेष महत्व है।

दूसरी राजधानी बनने से लोगों को होगा ये फायदा

इन क्षेत्रों के लोग इस विशेष दर्जे से लाभान्वित होंगे और उन्हें अपने कार्यों के लिए शिमला तक लंबा सफर तय नहीं करना पड़ेगा। सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि धर्मशाला न केवल भारत, बल्कि विश्व में धार्मिक, प्राकृतिक और साहसिक पर्यटन सहित अनेक कारणों से प्रसिद्ध है।

धर्मशाला धर्मगुरु दलाईलामा का निवास स्थान भी है और विश्वभर से लोग यहां आते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसंबर 2005 में शिमला से बाहर हिमाचल प्रदेश विधानसभा का पूर्ण शीतकालीन सत्र आयोजित किया गया था। तपोवन में पहले ही विधानसभा भवन कार्य कर रहा है, जिसकी आधारशिला उन्होंने अपने पूर्व शासनकाल के दौरान वर्ष 2006 में रखी थी।

यह शहर पहले ही हिमाचल प्रदेश विधानसभा के 12 शीतकालीन विधानसभा सत्रों को आयोजित करने का गवाह है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने ही वर्ष 1994 में लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का निवारण करने और क्षेत्र में विकास कार्योें की प्रगति को देखने के लिए वार्षिक शीतकालीन प्रवास की प्रथा आरंभ की थी।

बाली बोले, इसी सत्र से शुरू हो दूसरी राजधानी, ताकि चुनावी शिगूफा न लगे

धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने की घोषणा के बाद परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह फैसला स्वागत योग्य है, लेकिन इसे इसी सत्र से ही शुरू किया जाना चाहिए ताकि निचले हिमाचल के लोगों को फायदा मिल सके।

अनौपचारिक बातचीत में बाली ने कहा कि सीएम से मिलूंगा और जल्द ही नीतिगत निर्णय लेने का आग्रह करूंगा। इसी साल विधानसभा चुनाव भी होने हैं ऐसे में जनता को यह नहीं लगना चाहिए कि यह चुनावी शिगूफा है।

बाली ने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलकर आग्रह करूंगा कि धर्मशाला में दूसरी राजधानी का कामकाज फरवरी महीने से ही शुरू करें। इसकी घोषणा 25 जनवरी को पूर्ण राज्यत्व दिवस पर कर देनी चाहिए। सरकार के सभी मंत्री और सचिव फरवरी में धर्मशाला में बैठें।

कुछ और विभागों को धर्मशाला स्थानांतरित किया जाए ताकि शिमला का भार कम हो। बाली ने कहा कि शीतकालीन राजधानी का कामकाज चलाने के लिए धर्मशाला में पूरा संगठनात्मक ढांचा खड़ा है। दो सचिवालय भवन यहां बने हैं।

विधानसभा परिसर भी यहां है। इनमें मंत्रियों और सचिवों के बैठने के लिए कमरे बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि दूसरी राजधानी की घोषणा करने के बाद जब सीएम कांगड़ा आएंगे तो उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।

अनुसूचित जाति वर्ग के लिए भी सीएम की बड़ी घोषणा

हिमाचल के धर्मशाला के तपोवन में विधानसभा के पास डॉ. अंबेडकर संग्रहालय बनाया जा सकता है। वीरवार को धर्मशाला में अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड की बैठक में राष्ट्रीय बचत राज्य सलाहकार बोर्ड के सदस्य प्रकाश चंद करड़ ने यह मांग उठाई, जिस पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार संग्रहालय बनाने पर विचार करेगी।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति उपयोजना के बजट में 100 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की है। अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए इस वित्त वर्ष में 1949.15 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है।

वर्ष 2012-13 में उपयोजना में 914.64 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान था। सीएम ने दुख जताया कि आजादी के 70 साल बाद भी कहीं न कहीं पिछड़े वर्ग के लोग मुख्य धारा से नहीं जुड़ पाए हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि इस वित्त वर्ष में अनुसूचित जाति वर्ग के 1649 उम्मीदवारों को कंप्यूटर एप्लीकेशन और डेस्कटॉप एप्लीकेशन में पीजी डिप्लोमा करवाने पर 218 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

बैठक में मुख्य सचिव वीसी फारका, विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव विनय कुमार, नंदलाल, वित्त आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार, विधायक किशोरी लाल, यादविंद्र गोमा, मोहन लाल बरागटा, अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण श्रीधर, डॉ. श्रीकांत बाल्दी, आरडी धीमान आदि मौजूद रहे।

गद्दी कल्याण बोर्ड की बैठक में सीएम ने की एक और बड़ी घोषणा

दूरदराज क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए नूरपुर में जनजातीय छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। इससे खासकर चंबा के लोगों को लाभ होगा। यह एलान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वीरवार को धर्मशाला में गद्दी कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए किया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सूबे में नए संस्थानों को खोलने व उनमें सुविधाएं देने के लिए नियमों में छूट देने का प्रस्ताव लाएगी। विशेषकर जनजातीय व दूरदराज के इलाकों में लोगों की सुविधा के लिए यह कदम उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति की समुदाय वाली बस्तियों में लैंटाना व अन्य नुकसानदायक झाड़ियों को उखाड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गद्दी समुदाय को अपनी समृद्ध संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। गद्दी बहुल क्षेत्र अपने कठोर परिश्रम के कारण समृद्ध हैं। उन्होंने आशा जताई कि गद्दी समुदाय के लोग कृषि और मत्स्य पालन के साथ अन्य संबंधित गतिविधियों में शामिल होंगे। वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल वायदों को पूरा किया है।

इन इन मंत्रियों विधायकों ने किया सीएम के एलान का स्वागत

 हिमाचल सरकार के मंत्रियों, मुख्य संसदीय सचिवों, विधायकों एवं विभिन्न बोर्डों-निगमों के अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों ने धर्मशाला को प्रदेश की दूसरी राजधानी बनाने के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का आभार व्यक्त किया है।

कृषि मंत्री सुजान सिंह पठानिया, वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री, शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा, मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती, जगजीवन पाल और इंद्रदत्त लखनपाल, कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर और ऊना जिलों के सभी कांग्रेसी एवं निर्दलीय विधायकों, संबंधित जिलों के बोर्डों-निगमों के अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों ने वीरवार को एक संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि धर्मशाला अगर दूसरी राजधानी बनती है तो इस पूरे क्षेत्र के लोगों का सम्मान तो बढ़ेगा ही, साथ ही अनेक सहूलियतें मिलने से लोग लाभान्वित होंगे।

उनके जीवन में उन्नति और उत्थान का एक नया युग आरंभ होगा। उन्होंने कहा कि धर्मशाला को अगर शीतकालीन राजधानी बनाया जाता है तो संपूर्ण उत्तरी क्षेत्र के लोगों के लिए ये बहुत बड़ी सौगात होगी, जिसके लिए समस्त क्षेत्रवासी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मुख्यमंत्री शीघ्र ही इस बारे में निर्णय लेंगे।

यह एक ऐतिहासिक कदम होगा और इस विचार के पीछे संपूर्ण क्षेत्र के लोगों के लिए वीरभद्र्र सिंह के दिल में व्याप्त स्नेह और चौतरफा विकास एवं व्यापक जनकल्याण की प्रबल भावना निहित है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला न केवल कांगड़ा जिला का मुख्यालय है बल्कि साथ लगते चंबा, हमीरपुर और ऊना जिला के लोगों के लिए केंद्रीय स्थल भी है, इसलिए धर्मशाला के प्रदेश की दूसरी राजधानी बनने से इन जिलों के सभी लोगों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इस संपूर्ण क्षेत्र के सभी लोग मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की निस्वार्थ सेवा भावना के लिए उनके आभारी हैं।

नोटबंदी का प्रदर्शन करने आए थे, लगाने लगे बाली को सीएम बनाने के नारे

कचहरी अड्डा में वीरवार को शाहपुर की कल्याड़ा पंचायत से आए लोगों ने परिवहन मंत्री जीएस बाली को मुख्यमंत्री बनाने के नारे लगाए। ये लोग यूं तो नोटबंदी के विरोध में प्रदर्शन करने आए थे, लेकिन इस बीच उन्होंने तख्तियां लेकर हमारा मुख्यमंत्री हो बाली जैसा... के नारे लगाने शुरू कर दिए।

प्रदर्शन करने वाले लोगों ने खुद को कांग्रेस का समर्थक बताया और आगामी विधानसभा चुनावों की कमान परिवहन मंत्री जीएस बाली को सौंपने की मांग उठाई। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे बलवीर सिंह ने कहा कि कांगड़ा जिला ने हर बार कांग्रेस को जिताकर वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाया है। इस बार कांगड़ा जिला से मुख्यमंत्री बनाया जाए।

इसके अलावा कल्याड़ा वासियों ने नोटबंदी के विरोध में भी जमकर प्रदर्शन किया। कहा कि मोदी सरकार हर मोर्चे पर असफल साबित हुई है। मनरेगा कामगारों को पैसे का भुगतान नहीं हो रहा है। महंगाई लगातार आसमान छू रही है। केंद्र सरकार प्रदेश से सौतेला व्यवहार कर रही है।

इस मौके पर पूर्व प्रधान बलवीर सिंह, कड़ोटी पंचायत प्रधान मंजू देवी, कल्याड़ा पंचायत प्रधान नीलम चौधरी, उपप्रधान रविंद्र पठानिया, लांझणी के उपप्रधान संजू, बिंदू राणा, नितिन ठाकुर, सुभाष चौधरी, कांता देवी, कमला देवी, सुदेशना, कुशला, संध्या आदि मौजूद रहे। बता दें कि पूर्व प्रधान बलवीर सिंह ने बीते साल रैत में हुई रैली में सीएम वीरभद्र सिंह का जमकर गुणगान किया था। ये रैली वन निगम उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया ने करवाई थी।
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भाजपा का तंज, कहा जनता को मुर्ख बनाने की कोशिश कर रही कांग्रेस

प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष गणेश दत्त ने कहा कि कांग्रेस सरकार को चुनाव के दौरान ही धर्मशाला में शीतकालीन राजधानी घोषित करने की बात याद आई है। भाजपा ने 1998 में धर्मशाला को शीतकालीन राजधानी के तौर पर मान्यता दी।

कांग्रेस सरकार ने हाजिरी लगाने के लिए धर्मशाला को शीतकालीन राजधानी की बात कहकर जनता को मूर्ख बनाने की कोशिश की है। कहा कि क्षेत्रवाद पर राजनीति करना कांग्रेस का पुराना स्वभाव है। सरकार की नीतियां और कार्यक्रम मौसम देखकर बदलते हैं।

पूछा कि सरकार में मंत्री बीते 4 वर्षों में कितने दिन धर्मशाला सचिवालय में बैठे और कितने लोगों से मिले। प्रेम कुमार धूमल की सरकार ने कर्मचारियों के लिए 4-9-14 की घोषणा 2009 से देने की घोषणा की थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने 4-9-14 को 2006 में लागू करने की बात कही थी। कर्मचारी स्वयं ही बता पाएंगे कि अब 4-9-14 कब से दिया जा रहा है।
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