मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि जिन क्षेत्रों में गुज्जर समुदाय के लोग रहते हैं, वहां जरूरत के अनुरूप मोबाइल पाठशालाएं खोली जाएंगी। उन्होंने राज्य की सभी गुज्जर बस्तियों में मांग पर अगले दो महीने में हैंडपंप लगाने के भी निर्देश दिए।
सीएम वीरभद्र सिंह ने मंगलवार को शिमला स्थित सचिवालय में गुज्जर कल्याण बोर्ड की 20वीं बैठक की अध्यक्षता की। कहा कि सरकार गुज्जर समुदाय के लोगों को उपयुक्त भूमि का चयन कर और शिक्षा सुविधाएं प्रदान कर उनके स्थायी समाधान को प्रयास कर रही है।
सीएम बोले - हिमाचल में जिन गुज्जर परिवारों ने भूस्खलन और बाढ़ से अपनी भूमि अथवा घर खोए हैं, उन्हें सरकार की तीन बिस्वा और दो बिस्वा भूमि देने की नीति के आधार पर सुविधा दी जाएगी। बजट भाषण में भूमिहीन और आवासहीन लोगों को ग्रामीण क्षेत्रों में तीन बिस्वा भूमि तथा शहरी क्षेत्रों में दो बिस्वा भूमि देने की घोषणा की गई थी।
कहा कि पशुओं की नस्ल में सुधार और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए समुदाय को आधुनिक तकनीक से जोड़ने एवं उन्हें उपयुक्त प्रशिक्षण देने के भी पशुपालन विभाग को निर्देश दिए हैं।
चंबा जिले की प्राथा ग्राम पंचायत में प्राथमिक पाठशाला सलोह, सोलन जिले में प्राथमिक पाठशाला मलपुर एवं बद्द और सिरमौर जिले के नाहन में माध्यमिक पाठशाला आंजी-बनूना को उच्च विद्यालय में स्तरोन्नत करने की घोषणाएं कीं।