मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश की पंचायतों में लगे जलरक्षकों को मुख्य धारा में लाने के लिए पॉलिसी बनाई जाएगी। आईपीएच विभाग को इस बारे में आदेश दिए गए हैं। वीरभद्र बोले - मुझे पता है वाटरगार्ड सुबह से शाम तक लोगों को पानी पिलाने का काम करते हैं।
उन्हें कम मानदेय मिल रहा था, जिसे बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री बुधवार को सचिवालय के बाहर इंटक संबंधित पीडब्ल्यूडी, आईपीएच अनुबंध कर्मचारी यूनियन को धन्यवाद रैली को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि वाटर गार्डों को उनकी शिक्षा के अनुसार पंप ऑपरेटर, फि टर, हेल्पर और चौकीदार बनाया जाएगा। इंटक अध्यक्ष बाबा हरदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा कर्मचारियों के हितैषी रहे हैं। इसके लिए इंटक उनका सदा आभारी रहेगी।
इंटक महासचिव सुरजीत राणा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश सैनी, राजकुमार चौहान, खीमीराम चौहान, विश्वदेव शर्मा, कैलाश राणा, वाटर गार्ड के प्रदेश प्रधान भूपेंद्र चंदेल, दीपिका कुमारी, कमला देवी, जीवन पाल, संजय कुमार, कमलेश कुमार, वीरेंद्र कुमार, गगन धीमान ने भी संबोधित किया। धन्यवाद रैली में मुख्यमंत्री को शॉल, टोपी और तलवार देकर सम्मानित किया।