...अरे भई मेरे वाली टोपी किधर है। सीएम के इतना बोलते ही परिवहन मंत्री जीएस बाली ने झट से मुख्यमंत्री के सिर से टोपी उतार कर उनकी (सीएम) टोपी उनके सिर पर रख दी और कहा कि यही आपकी टोपी है। दरअसल ऊना के रक्कड़ में नवनिर्मित पीडब्ल्यूडी कार्यालय भवन के लोकार्पण पर विभाग ने मुख्यमंत्री को सम्मानित करने के लिए टोपी पहनाई तो कुछ ही देर बाद सीएम अपनी उतारी गई टोपी को ढूंढने लगे।
कांग्रेस की सियासी सिंबल का प्रतीक हरे रंग की बुशैहरी टोपी की इस अदला-बदली से लेकर इंदिरा मैदान तक जीएस बाली मुख्यमंत्री के अंग-संग रहे। शिमला से सीएम के साथ उडनखटोले में उतरे जीएस बाली और मुख्यमंत्री के बीच खूब सियासी जुगलबंदी देखी गई। यहां तक कि मीडिया से बातचीत के दौरान सवालों का जवाब सीएम से पहले बाली ही दे रहे थे, जिसकी व्याख्या बाद में मुख्यमंत्री कर रहे थे।
सीएम पूरी तरह से बाली के सुर में सुर मिलाते इदेखे गए। ऐसा लग रहा था मानो दोनों दिग्गजों के बीच अरसे से खिंची सियासी लकीरें मिट चुकी हैं और रिश्तों में फिर से मिठास लौट आई है। इसी बीच उद्योग मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री बेशक सीम के साथ जरूर थे, लेकिन वह कार्यक्रम में तटस्थ से नजर आए।
सियासी पंडितों की मानें तो पिछले कुछ अरसे से बाली और वीरभद्र सिंह में नजदीकियां बढ़ी हैं। वहीं, पिछले दिनों ऊना के ही सलोह में मुख्यमंत्री द्वारा उद्योग मंत्री द्वारा हलके के लिए रखी गई मांगों पर तल्खी दिखाने के बाद दोनों में कुछ दूरियां सी देखी गई हैं। जिसको लेकर सर्द फिजाओं में चरचाओं का बाजार गरम है।