बेरोजगारी भत्ते जैसे कई मुद्दों को लेकर एक-दूसरे पर तंज कसने वाले मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और परिवहन मंत्री एवं उत्तराखंड के प्रभारी जीएस बाली के बीच दूरियां कम होती दिख रही हैं। शुक्रवार से मुख्यमंत्री उत्तराखंड में चुनाव प्रचार करने को शिमला से देहरादून रवाना हुए। लोगों की उम्मीद से उलट जीएस बाली पांवटा साहिब पहुंचे।
वहां से मुख्यमंत्री को रिसीव कर एकसाथ देहरादून के लिए रवाना हुए। हालांकि, भतीजे की मौत के चलते सीएम उत्तराखंड दौरा अधर में छोड़कर चंडीगढ़ रवाना हो गए। सीएम के दौरा अधूरा छोड़ने के बावजूद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इसके अलग मायने निकाले जा रहे हैं। पार्टी से जुड़े कुछ नेता इसे बाली की अदा मान रहे हैं।
कुछ इसे महज चुनाव का तकाजा बता रहे हैं। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दोनों नेताओं को पता है कि दोनों के आपसी टकराव का खामियाजा चुनावी नतीजों के रूप में भुगतना पड़ सकता है। साथ ही दोनों की आपसी दूरियां दूसरे प्रदेश में चर्चा का सबब बन सकती है। शायद यही कारण है कि हिमाचल प्रदेश से बाहर जाते ही दोनों नेताओं ने दूरियों और मतभेदों को भुलाते हुए अप्रत्याशित व्यवहार किया है।
बता दें, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और जीएस बाली के बीच पिछले कुछ समय से खासी बयानबाजी चल रही थी। एक ओर बाली कांग्रेस घोषणापत्र में शामिल बेरोजगारी भत्ता देने को लेकर सरकार पर दबाव बनाते रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री भी इस मुद्दे को लेकर बाली पर तंज कसते रहे हैं। हाल में कांगड़ा में आयोजित कांग्रेस पार्टी की रैली में भी मंच पर चढ़ने को लेकर विवाद हुआ था।