सीएम सुक्खू ने किया राज्य सचिवालय के नया ब्लॉक का उद्घाटन।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आने वाले छह महीनों में सरकार कड़े फैसले लेने वाली है। कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने वित्तीय संसाधन बढ़ाने के लिए कई निर्णय लिए हैं। आने वाले समय में कई कड़े निर्णयों के साथ प्रशासनिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण सुधार किए जाएंगे। एक पद पर दो पद कैसे काम कर सकते हैं, इस दिशा में सोचा जा रहा है। तभी हिमाचल में ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार दिलाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बिजली परियोजनाओं पर वाटर सेस संसाधनों को विकसित करने के लिए लगाया जा रहा है। सरकारी विभागों में छुट्टी वाले दिन भी काम किया जा रहा है। सुक्खू ने 43.07 करोड़ से निर्मित नए भवन का लोकार्पण करते हुए यह बात कही।
सोमवार को राज्य सचिवालय में सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार ने वाटर सेस मामले में एक चिट्ठी लिखी है, पर सरकार इस मसले को कानूनी और प्रशासनिक ढंग से उठाएगी। योजनाओं को धरातल पर लाने में कम से कम से दो साल लग जाते हैं। वे विभिन्न याेजनाओं में भारत सरकार का सहयोग लेंगे। जहां डिफरेंस हैं, वहां संवाद करेंगे। कहा कि सचिवालय का पुराना भवन एक विरासत भवन है, जहां जनकल्याण के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। नया भवन आधुनिक तकनीक के साथ सामंजस्य से कार्य करने की सरकार की कार्य प्रणाली को प्रदर्शित करता है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना भी की। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि अधिकारी और कर्मचारी मुख्यमंत्री की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. कर्नल सेवानिवृत्त धनी राम शांडिल, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष भूपिंद्र सिंह और अन्य उपस्थित रहे।
सचिवालय में फाइलों को मूव करने की स्पीड बढ़ानी होगी : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सचिवालय के कर्मचारियों को फाइलों को मूव करने की स्पीड बढ़ानी होगी। उनके ऑफिस से ऊपर तक फाइलें पहुंचने में बहुत वक्त लगता है। कहा कि अगर वे देखते कि फाइल ही नहीं देखनी है तो आर्म्सडेल भवन का उद्घाटन का यह मामला भी फंसा रहता। वह सीएस से छह बजे सुबह बात करते हैं। अगर सोचेंगे कि पांच साल बाद कुछ करेंगे तो यह कभी नहीं होगा।
आर्म्सडेल भवन चरण-तीन का लोकार्पण किया
- मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला में 43.07 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हिमाचल प्रदेश सचिवालय आर्म्सडेल भवन चरण-तीन का लोकार्पण किया। इस आठ मंजिला भवन में आधुनिक सुविधाएं, 123 चार पहिया व 60 दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। इसमें आपदा प्रबंधन सेल, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, जनजातीय विकास कार्यालय, सम्मेलन कक्ष, मीटिंग हॉल, अधिकारियों, वाहन चालकों के लिए कमरे और एसबीआई और पीएनबी की शाखाओं के विभिन्न कार्यालय हैं। एनजीटी के एक फैसले की गलत व्याख्या के चलते पिछली सरकारें इस संबंध में आगे नहीं बढ़ी थीं। एक समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने इस पर निर्णय ले लिया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने सोमवार को शिमला के रझाणा में राज्य स्तरीय कोली समाज सामुदायिक भवन के निर्माण के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। शांडिल ने राज्य स्तरीय कोली समाज सामुदायिक भवन निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने के बारे में विभिन्न विषयों पर चर्चा की तथा संबद्ध विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समाज की जन कल्याणकारी योजनाओं के तहत निर्मित होने वाले बुनियादी ढांचों के जल्द निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को एफआरए के तहत आवश्यक औपचारिकताओं को योजनाबद्ध तरीके से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए ताकि इस भवन का निर्माण कार्य जल्द आरंभ किया जा सके। बैठक में निदेशक अनुसूचित जाति अन्य पिछडा वर्ग व अल्पसंख्यक वर्ग प्रदीप ठाकुर, संयुक्त सचिव जीवन सिंह नेगी, हिमाचल प्रदेश कोली समाज शिमला के अध्यक्ष उत्तम सिंह कश्यप, महासचिव राजेश कोश व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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