विपक्ष की भूमिका रहेगी सकारात्मक, पर बदले की भावना बर्दाश्त नहीं : जयराम
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि मानसून सत्र में विपक्ष की भूमिका रचनात्मक रहेगी। अगर हमारी बात को गंभीरता से लिया जाएगा तो हम साथ देंगे और अगर बात टालने की कोशिश होगी तो विपक्ष सदन के अंदर और बाहर जनता की आवाज बनकर सरकार को अपनी बात मानने के लिए विवश कर देगा। वीरवार को सर्वदलीय बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सदन की गंभीरता को समझे और मुख्यमंत्री और उनके मंत्री ठीक बात बोलेंगे तो उनकी बात सुनी जाएगी और लोकतंत्र की आवाज कुचलने का प्रयास किया तो मुंहतोड़ जवाब भी विपक्ष देगा। जनता की आवाज प्रभावी ढंग से उठाई जा सके उसके लिए हम पूरा प्रयत्न करेंगे। बहुत सारी चीजें सरकार के व्यवहार पर निर्भर करती है। हम जनहित के मुद्दे छोड़ेंगे नहीं।
पिछले कुछ समय से सरकार ने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ़ बदले भी भावना से मामले दर्ज करने की एक सीरीज सी चला रखी है जो स्वस्थ परंपरा नहीं है। मामले गंभीर हैं तो जांच होनी चाहिए लेकिन अगर आप चाहते हैं कि विपक्ष की आवाज कैसे दबाई जाए ऐसा हम होने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि औपचारिक बैठक में स्पीकर के समक्ष मामला उठाया है कि पिछले चार साल में सरकार का रवैया ऐसा रहा है कि कोई भी विपक्ष का सदस्य सवाल पूछता है तो कहा जाता है कि सूचना एकत्र की जा रही है। अधिकारी सूचना आगे सरकार तक दे देते हैं लेकिन सरकार के मंत्री और मुख्यमंत्री जानबूझकर कहते है सूचना एकत्र की जा रही है। कुछ विभागाध्यक्ष जानबूझकर सूचना छिपाने का काम करते हैं। मजबूरन हमें सूचना का अधिकार कानून का सहारा लेकर वही सूचना सदन में रखनी पड़ती है। मुख्यमंत्री का व्यवहार सदन में सही नहीं होता। कई बार तो ये निम्नतम स्तर पर पहुंच जाता है। मुख्यमंत्री ठीक बात करेंगे तो हम उनको सुनेंगे।