यह उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने पूर्व विधायक राजेंद्र राणा और रवि ठाकुर को पेंशन एवं एरियर का भुगतान एक महीने के अंदर जारी करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि अगर एक महीने के अंदर भुगतान नहीं किया गया तो इसे छह प्रतिशत ब्याज के साथ देना होगा। वर्ष 2024 में दल बदलने के बाद छह विधायकों को अयोग्य घोषित किया गया। इन पूर्व कांग्रेस विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी और इन्होंने भाजपा का दामन थामा तो इन पर दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की गई। इनमें से पूर्व विधायकों राजेंद्र राणा और रवि ठाकुर की पेंशन को रोक दिया गया है। उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर यह निर्णय आया है। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री भी इस फैसले पर अध्ययन की बात कर चुके हैं।