मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 2400 करोड़ रुपये की लागत से नए पर्यटन स्थलों का विकास किया जाएगा। पहले चरण में वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे और निजी निवेशकों को प्रोत्साहित कर तीन से सात सितारा होटल विकसित किए जाएंगे। श्री नयना देवी जी मंदिर में सुविधाओं के उन्नयन के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जबकि धर्मशाला में 200 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर बनेगा। गोविंद सागर झील समेत अन्य जलाशयों में क्रूज, शिकारा, हाउस बोट, जेट स्की, मोटर बोट और वाटर स्कूटर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि बिलासपुर के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि उपायुक्त कार्यालय परिसर में लगे सौर ऊर्जा संयंत्र से प्रतिदिन 440 यूनिट और मासिक 13,200 यूनिट बिजली उत्पादन होगा, जिससे सालाना 10 लाख रुपये की बिजली बचत होगी। उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित परियोजनाएं जिले में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार के लिए मील का पत्थर साबित होंगी। विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर, पूर्व विधायक तिलक राज और बंबर ठाकुर, जनप्रतिनिधि, कांग्रेस पार्टी के नेतागण तथा प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।