जानकारी नहीं मिलने पर रणधीर-परमार ने जताई नाराजगी
सवाल में पूछी गई जानकारी नहीं मिलने पर भाजपा विधायक रणधीर शर्मा और विपिन सिंह परमार ने नाराजगी जताई। रणधीर ने बीते एक साल के दौरान प्रदेश में खोले गए संस्थानों की जानकारी मांगी। लिखित जवाब में बताया गया कि सूचना एकत्रित की जा रही है। इस पर विधायक ने कहा कि सब जानते हैं कि नादौन, देहरा, हरोली और कुछ खास विधानसभा क्षेत्रों में ही संस्थान खुले हैं। इसकी जानकारी क्यों नहीं दी जा रही। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सारी जानकारी है तो सवाल को बंद कर दिया जाए। दूसरे सवाल में परमार ने असुरक्षित भवनों को लेकर जानकारी मांगी थी। इसमें भी अभी सूचना एकत्र करने की जानकारी देने पर विधायक ने कहा कि छोटी-छोटी जानकारियां नहीं मिलना दुभार्ग्यपूर्ण है।
1714 युद्ध हताहत सैन्य अधिकारी और जवान : शांडिल
सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने बताया कि प्रदेश में 1714 युद्ध हताहत सैन्य अधिकारी और जवान हैं। कांगड़ा जिला में सबसे अधिक 736 और इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के तहत नौ युद्ध हताहत सैन्य अधिकारी और जवान हैं। विधायक मलेंद्र राजन के सवाल का जवाब देते हुए शांडिल ने बताया कि युद्ध में मृत्यु को प्राप्त होने वाले वीर सैनिकों और सैन्य अधिकारियों को सरकारी कागजात में भारत सरकार की ओर से युद्ध हताहत घोषित किया जाता है। मरणोपरांत के निकटतम परिजनों को अनुग्रह राशि, एचआरटीसी की बसों में निशुल्क बस यात्रा की सुविधा, युद्ध विधवाओं की पुत्रियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता और एक परिजन को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार की सुविधा भी दी जा रही है।
धर्मपुर बस डिपो की हालत खराब, परेशान हो रहे लोग : चंद्रशेखर
कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि धर्मपुर बस डिपो की हालत खराब हो गई है। पूर्व सरकार के समय में यहां जुगाड़ से बसें दी गई थीं। कुल 51 बसों में से 36 की अवधि पूरी हो चुकी है। दो बार चलती बसों के टायर खुल चुके हैं। डिपो में सिर्फ छह नई बसें हैं। स्टाफ के छुट्टी पर जाने से सेवाएं ठप हो जाती है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। जवाब में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जल्द 700 नई बसों की खरीद की जा रही है। आवश्यकता अनुसार धर्मपुर को भी बसें दी जाएंगी। मैं स्वयं धर्मपुर का दौरा कर स्थिति का जायजा भी लूंगा।
बंदरों के लिए जंगलों में लगाएंगे फलदार पौधे : सुक्खू
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसहारार पशुओं और बंदरों के लिए नीतिगत बदलाव कर उचित कदम उठाए जा रहे हैं। बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए समाज को भी आगे आना चाहिए। मैंने खुद एक स्ट्रे डॉग को गोद लिया है। उन्होंने कहा कि बंदरों के लिए जंगलों में फलदार पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि जंगलों में 60 फीसदी तक फलदार पौधे लगाए जाएं, ताकि बंदरों को आबादी क्षेत्रों में आने से रोका जा सके। प्रदेश में 1.87 लाख बंदरों की नसबंदी की गई है। उन्हाेंने लोगों से रिहायशी क्षेत्रों में कूड़ा व बचा हुआ भोजन खुले स्थान पर न फेंकने का आह्वान भी किया। उधर, नाहन से कांग्रेस विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में बंदरों और आवारा पशुओं ने समस्याओं को बढ़ा दिया है।