आईजीएमसी शिमला में करीब 30.90 करोड़ से निर्मित ट्रॉमा ब्लॉक में लोगों को फिजियोथैरेपी वार्ड, स्पेशल वार्ड, आपातकालीन चिकित्सा इकाई, गहन देखभाल इकाई (आईसीयू) बिस्तर, आईसोलेशन वार्ड सहित सीटी स्कैन, एक्स-रे, सैंपल एकत्रीकरण केंद्र तथा पैथोलॉजी प्रयोगशाला की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।
आईजीएमसी शिमला में करीब 30.90 करोड़ से निर्मित ट्रॉमा ब्लॉक में लोगों को फिजियोथैरेपी वार्ड, स्पेशल वार्ड, आपातकालीन चिकित्सा इकाई, गहन देखभाल इकाई (आईसीयू) बिस्तर, आईसोलेशन वार्ड सहित सीटी स्कैन, एक्स-रे, सैंपल एकत्रीकरण केंद्र तथा पैथोलॉजी प्रयोगशाला की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आईजीएमसी में मशीनरी तथा उपकरणों के लिए 12 करोड़ व्यय किए जा रहे हैं। उपकरण व मशीनरी, संस्थान के सर्जरी, ऑर्थोपीडिक्स, न्यूरो-सर्जरी, रेडियोलॉजी तथा एनस्थिसिया विभाग में उपयोग में लाए जाएंगे। इस सेंटर के साथ 175 बिस्तरों वाली चिकित्सा आपातकालीन सुविधा स्थापित करने के लिए सरकार ने 11 करोड़ आवंटित किए हैं।
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टांडा में पैट स्कैन मशीनें स्थापित करने के लिए जारी होंगे 50 करोड़
टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा में पैट स्कैन मशीन स्थापित करने के लिए 50 करोड़ जारी किए जाएंगे। प्रदेश के जिला ऊना में 38 एकड़ के परिसर पर 450 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं वाले 300 बिस्तरों की क्षमता वाले पीजीआई सैटेलाइट केंद्र निर्मित किया जाएगा। इस केंद्र में 283 करोड़ से भवन निर्माण और शेष राशि का उपयोग उपकरण खरीदने के लिए किया जाएगा। इस सेंटर के निर्माण के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय ने वन स्वीकृति दी है। इस केंद्र के स्थापित होने से जिला ऊना, कांगड़ा, हमीरपुर और बिलासपुर जिलों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं उपलब्ध होंगी।
आईजीएमसी, टांडा, नेरचौक, हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालयों में रोबोटिक्स सर्जरी के कोर्स होंगे शुरू
मुख्यमंत्री ने कैंसर रोगियों की सुविधा के लिए हमीरपुर में केंद्र सरकार की ओर से वित्तपोषित राष्ट्रीय संस्थान की स्थापना के लिए पैरवी की है। सरकार ने सरकारी उपकरणों की खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मेडिकल सर्विस कार्पोरेशन गठित किया है। शिमला, टांडा, नेरचौक, हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालयों में रोबोटिक्स सर्जरी जैसे अत्याधुनिक कोर्स शुरू करवाए जाएंगे।