मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यदि एसजेवीएनएल सरकार की ओर से मांगी गई रायल्टी प्रतिशतता पर सहमत नहीं होती है, तो 210 मेगावाट लूहरी जलविद्युत परियोजना चरण-1 और 66 मेगावाट धौलासिद्ध विद्युत परियोजना तथा 382 मेगावाट सुन्नी विद्युत परियोजना का सरकार अधिग्रहण करेगी। यह बात उन्होंने हिमाचल किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल को दिया। हिमाचल किसान सभा के बैनर तले शुक्रवार को पूर्व विधायक राकेश सिंघा की अगुवाई में लूहरी और सुन्नी जलविद्युत परियोजना प्रभावित सैकड़ों लोगों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से उनके सरकारी निवास ओकओवर में मुलाकात कर अपनी मांगें उठाईं। इससे पहले परियोजना प्रभावितों ने ओकओवर के बाहर सड़क पर बैठक कर मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। बड़ी संख्या में महिलाएं भी इस दौरान मौजूद रहीं।
परियोजना प्रभावितों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर लूहरी परियोजना से फसलों को नुकसान का मुआवजा देने, निजी संपत्ति को हुए नुकसान का सर्वेक्षण और उसके अनुरूप मुआवजा देने, खतरे की जद में आने वाली भूमि का अधिग्रहण करने, निरथ, बदराश, दत्तनगर और बायल को सीवरेज सिस्टम से जोड़ने और शनाह गांव में सतलुज नदी पर पुल निर्माण की मांग उठाई गई। इस मौके पर सभा अध्यक्ष कृष्णा राणा, सचिव देवकीनंद, संयोजक कुंदनलाल और सह संयोजक देवीदास मौजूद रहेे। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने प्रदेश के लोगों के हितों की अनदेखी की लेकिन वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश के लोगों को उनका हक दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।