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Himachal: सीएम सुक्खू बोले- एसजेवीएन ने रायल्टी नहीं दी तो विद्युत प्रोजेक्टों का करेंगे अधिग्रहण

Fri, 09 Aug 2024 06:26 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यदि एसजेवीएनएल सरकार की ओर से मांगी गई रायल्टी प्रतिशतता पर सहमत नहीं होती है, तो 210 मेगावाट लूहरी जलविद्युत परियोजना चरण-1 और 66 मेगावाट धौलासिद्ध विद्युत परियोजना तथा 382 मेगावाट सुन्नी विद्युत परियोजना का सरकार अधिग्रहण करेगी। 
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यदि एसजेवीएनएल सरकार की ओर से मांगी गई रायल्टी प्रतिशतता पर सहमत नहीं होती है, तो 210 मेगावाट लूहरी जलविद्युत परियोजना चरण-1 और 66 मेगावाट धौलासिद्ध विद्युत परियोजना तथा 382 मेगावाट सुन्नी विद्युत परियोजना का सरकार अधिग्रहण करेगी। यह बात उन्होंने हिमाचल किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल को दिया। हिमाचल किसान सभा के बैनर तले शुक्रवार को पूर्व विधायक राकेश सिंघा की अगुवाई में लूहरी और सुन्नी जलविद्युत परियोजना प्रभावित सैकड़ों लोगों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से उनके सरकारी निवास ओकओवर में मुलाकात कर अपनी मांगें उठाईं। इससे पहले परियोजना प्रभावितों ने ओकओवर के बाहर सड़क पर बैठक कर मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। बड़ी संख्या में महिलाएं भी इस दौरान मौजूद रहीं।

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परियोजना प्रभावितों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर लूहरी परियोजना से फसलों को नुकसान का मुआवजा देने, निजी संपत्ति को हुए नुकसान का सर्वेक्षण और उसके अनुरूप मुआवजा देने, खतरे की जद में आने वाली भूमि का अधिग्रहण करने, निरथ, बदराश, दत्तनगर और बायल को सीवरेज सिस्टम से जोड़ने और शनाह गांव में सतलुज नदी पर पुल निर्माण की मांग उठाई गई। इस मौके पर सभा अध्यक्ष कृष्णा राणा, सचिव देवकीनंद, संयोजक कुंदनलाल और सह संयोजक देवीदास मौजूद रहेे। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने प्रदेश के लोगों के हितों की अनदेखी की लेकिन वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश के लोगों को उनका हक दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

सुक्खू सरकार की योजनाओं से घबराकर आधारहीन बयान दे रहे नेता विपक्ष : रोहित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के मुख्यमंत्री स्वाबलंबन योजना के बंद किए जाने और स्टार्ट-अप योजना के बारे में जारी बयान को भ्रामक बताया है। ठाकुर ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष इस तरह की बयानबाजी कर लोगों को बरगलाने का काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान प्रदेश सरकार ने न केवल पिछली भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं को बढ़ाया है, बल्कि राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना-2023 जैसी नवीन योजनाएं भी शुरू की हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा प्रदान करना है।
सरकार की शुरू की गई योजनाओं को मिल रही सफलता को भाजपा के नेता पचा नहीं पा रहे हैं और आधारहीन बयानबाजी करने में व्यस्त हैं। ई-टैक्सी स्टार्टअप योजना की आलोचना करने से पहले नेता प्रतिपक्ष को तथ्यों को जानना बहुत जरूरी है।
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मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना को बंद करने के नेता प्रतिपक्ष के बयान की निंदा करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने युवाओं के कल्याण के लिए शुरू की गई योजनाओं को विस्तार प्रदान किया है। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अन्तर्गत इस वित्त वर्ष के लिए 50 करोड़ का बजट प्रावधान रखा है। वित्त वर्ष 2023-24 में 10 हजार 340 आवेदन स्वीकार किए गए हैं और 43.02 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की गई है। प्रदेश में इस योजना का लाभ उठाकर 6 हजार 819 यूनिट स्थापित की गई है और 1 हजार 110 युवा स्वावलंबन की राह पर अग्रसर हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों से किए गए वायदों को पूरा होते देख भाजपा के नेता बौखलाहट में है। प्रदेश में आदर्श चुनाव आचार संहिता के कारण कुछ समय के लिए योजनाओं के क्रियान्वयन में विलंब हुआ लेकिन प्रदेश सरकार युवाओं के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। विपक्ष के नेताओं को प्रदेश में हो रहे विकास में योगदान देने के बारे में सोचना चाहिए।
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