मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को राज्य स्तरीय गोष्ठी (फोरम) के दूसरे चरण में प्रदेश में 7,828 करोड़ रुपये की 26 लंबित परियोजनाओं की कार्यान्वयन प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए पर्यटन, जल विद्युत तथा औद्योगिक क्षेत्रों के हितधारकों से चर्चा करते हुए इसकी जानकारी दी।
हिमाचल प्रदेश सरकार निवेशकों की सुविधा के लिए निवेश नीति में संशोधन करेगी, ताकि प्रदेश में निवेशकों को ज्यादा सुविधाएं मिलें। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को राज्य स्तरीय गोष्ठी (फोरम) के दूसरे चरण में प्रदेश में 7,828 करोड़ रुपये की 26 लंबित परियोजनाओं की कार्यान्वयन प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए पर्यटन, जल विद्युत तथा औद्योगिक क्षेत्रों के हितधारकों से चर्चा करते हुए इसकी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक परियोजना का जायजा लिया और इनके विलंब के कारण जाने।
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उद्योग स्थापित करने में विलंब पर चिंता व्यक्त करते हुए सीएम ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि सरकार परियोजनाओं की स्थापना में आने वाली अड़चनों को दूर करने पर कार्य कर रही है। निवेशकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर काटने से बचाने के लिए सरकार निवेश नीति में संशोधन कर रही है। सरकार निवेश को नई दिशा देने पर विशेष बल दे रही है, जिसमें जल विद्युत, पर्यटन तथा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पर्यटन विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है।
कांगड़ा जिला प्रदेश की पर्यटन राजधानी बनेगी। सरकार स्वयं पर्यटन क्षेत्र में निवेश करेगी। कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार और सभी जिला मुख्यालयों में हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश की आर्थिकी में जल विद्युत क्षेत्र के महत्वपूर्ण योगदान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए जल उपकर अधिनियम पारित किया है। बैठक में मौजूद उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।