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Himachal: सीएम सुक्खू बोले- सभी स्कूलों में एक समान ली जाएगी फीस, नहीं होगा भेदभाव

Wed, 15 Apr 2026 06:22 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में रिकांगपिओ से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को यह निर्देश दिए। 
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के सभी स्कूलों में अब एक समान फीस ली जाएगी। फीस वसूली को लेकर कोई भेदभाव नहीं होगा। बुधवार को हिमाचल दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में रिकांगपिओ से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को यह निर्देश दिए। 12 अप्रैल के अंक में अमर उजाला ने शीर्षक सरकारी स्कूलों की फीस में नहीं एकरुपता, अलग-अलग लिया जा रहा शुल्क से खबर प्रकाशित कर इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। खबर के माध्यम से बताया गया था कि प्रदेश के स्कूलों में किस प्रकार अलग-अलग फीस ली जा रही है। शिक्षा बोर्ड के स्कूलों की फीस में ही एकरुपता न होने का हवाला देते हुए प्रदेश में चयनित 155 सीबीएसई स्कूलों में भी फीस को लेकर बने संशय को प्रमुखता से उठाया गया था।

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बुधवार को जिला किन्नौर के रिकांगपिओ में हिमाचल दिवस के राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल फीस में किसी भी प्रकार की असमानता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को मंच से निर्देश दिया कि एक समान फीस ही विद्यार्थियों से ली जानी चाहिए ताकि किसी प्रकार का भेदभाव ना हो। बता दें कि स्कूल शिक्षा बोर्ड और शिक्षा निदेशालय की ओर से अब तक फीस वसूली के लिए एक समान नियम तय नहीं किए गए हैं, जिसके चलते अलग-अलग स्कूलों में विद्यार्थियों से अलग-अलग शुल्क लिया जा रहा है। इससे अभिभावकों और छात्रों में भ्रम और असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
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प्रदेश सरकार ने हाल ही में 155 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने का फैसला लिया है, लेकिन इन स्कूलों में भी फीस संरचना को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं। इन चयनित स्कूलों में भी हिमाचल शिक्षा बोर्ड की तर्ज पर फीस लेने की बात कही गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन एक समान नहीं हो पा रहा। सरकारी स्कूलों में सबसे ज्यादा विसंगति कंप्यूटर शिक्षा को लेकर भी है। कई स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा के लिए विद्यार्थियों से मासिक 120 रुपये शुल्क लिया जा रहा है तो कई स्कूलों में कोई शुल्क नहीं है। उधर, नवीं और दसवीं कक्षा की फीस कुछ स्कूलों में मासिक 24 रुपये ली जा रही है। जबकि कुछ 65 से 70 रुपये। इसी तरह ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा की फीस में भी अंतर देखने को मिला है।
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