उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ हर समस्या का समाधान करने के लिए प्रयास कर रही है। जल्द ही बाकी लंबित भर्ती परीक्षा परिणाम भी जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए विकासोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ सरकार दृढ़ता से निर्णय लेकर आगे बढ़ रही है। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक संजय रतन, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, पार्षद आरआर वर्मा भी मौजूद रहे।
बता दें कि पोस्ट कोड-817 की परीक्षा तत्कालीन हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर ने ली थी, लेकिन पेपर लीक के मामले सामने आने पर इस परीक्षा के परिणाम विजिलेंस जांच के कारण लंबित थे। इस मामले के समाधान के लिए प्रदेश सरकार की ओर से कानूनी पहलुओं के निरीक्षण के लिए उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया गया था। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा इस उप समिति के सदस्य बनाए गए थे।
भंग किए जा चुके प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग ने वर्ष 2020-21 में पोस्ट कोड 817 जेओए आईटी के तहत 1,756 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। 1.07 लाख अभ्यर्थियों ने इन पदों के लिए आवेदन किया था। इसके बाद 21 मार्च 2021 को लिखित परीक्षा, 15 जुलाई से लेकर 2 मार्च 2022 तक टाइपिंग टेस्ट का आयोजन किया। 4,332 अभ्यर्थियों को 15 अंकों की मूल्यांकन परीक्षा के लिए चयनित किया गया। 1 से 31 अगस्त 2022 तक चयन आयोग के कार्यालय में मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन किया गया। करीब 1800 अभ्यर्थियों ने मूल्यांकन परीक्षा पास की है।