मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा।
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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को भी दूसरे दिन कुल्लू जिला और लाहौल-स्पीति का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावितों इलाकों का दौरा किया है। उन्होंने लाहौल-स्पीति जिले के सिस्सू, चंद्रताल और लोसर तथा कुल्लू जिले के मनाली क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न क्षेत्रों में फंसे लोगों से बातचीत की और उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान उन्होंने नेहरू कुंड के पास बाहंग स्थित हिमपात एवं हिमस्खलन अध्ययन प्रतिष्ठान (सासे) का भी दौराकर वहां बारिश से हुए नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने आश्वस्त किया कि घाटी में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने के लिए सरकार की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। अभी तक कुल्लू जिला से करीब 30,000 लोगों को जिला से बाहर अपने घर की तरफ रवाना किया है और अधिकतर सैलानी हैं।
मनाली से ही बुधवार शाम 4:00 बजे तक लगभग 6,552 पर्यटक वाहनों को कुल्लू से पार कर मंडी व चंडीगढ़ की ओर भेजा गया है। वहीं, कसोल तथा आस-पास के क्षेत्रों से भी जिला प्रशासन द्वारा लगभग 3,000 सैलानियों को सुरक्षित निकाला है। उन्होंने कहा कि ढुंखड़ा के पास भारी भूस्खलन के कारण कसोल-भुंतर सड़क अभी भी अवरुद्ध है और जिला प्रशासन मलबे को हटाने के लिए लगातार काम कर रहा है। इन क्षेत्रों में फंसे हुए लोगों को विभिन्न वाहनों में ढुंखड़ा और वहां से उन्हें भुंतर तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बचाव कार्यों की निगरानी के लिए जिला प्रशासन की एक टीम कसोल पहुंच गई है। वहीं, जिभी-बंजार-औट सड़क को छोटे वाहनों के लिए खोला गया है। वहीं 100 से अधिक ट्रैकरों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सुक्खू ने कहा कि अटल टनल वाहनों के आवागमन के लिए खुली है और आज शाम 4:00 बजे तक 300 से अधिक वाहन सुरंग से निकलकर गैमन पुल से मंडी की ओर भेजे गए हैं। मनाली में लोगों को 6, 000 से अधिक भोजन के पैकेट वितरित किए गए हैं। बुधवार को जारी बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि लाहौल घाटी के सिस्सू में फंसे मनाली के एक स्कूल के 52 बच्चों को सुरक्षित मनाली पहुंचाया गया है।
आपदा में केंद्र को करनी चाहिए हिमाचल की मदद : अग्निहोत्री
कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में आपदा से 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार मात्र हिमाचल के साथ होने की बात कह रही है। इस तरह मात्र बोलने से काम नहीं चलेगा। प्रदेश सरकार को आर्थिक मदद की जरूरत है। यह बात उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री कुल्लू जिले में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद कुल्लू में कही। कहा कि केंद्र सरकार के सभी बड़े नेता कह रहे हैं कि हम हिमाचल के साथ हैं। मगर धरातल में कोई मदद नहीं हुई है। केंद्र को मदद करनी चाहिए। हम एक संघीय ढांचे में रहते हैं। कोई भी फौरी राहत, आर्थिक पैकेज नहीं मिला और न ही आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया है। केंद्र और राज्य का एक रिश्ता है, कोई प्रदेश अगर संकट में हो तो केंद्र को मदद करनी चाहिए। हिमाचल को पहले ही 75,000 करोड़ को कर्जा है। प्रदेश के पास अपना कोई आर्थिक स्रोत नहीं है। बरसात से पूरे प्रदेश को नुकसान हुआ है। जलशक्ति विभाग को ही करीब 1,000 करोड़ का नुकसान हुआ है। कुल्लू जिले में 23 करोड़ की दो योजना पूरी तरह से ध्वस्त हो गई हैं। अधिकतर योजनाएं नदी से जोड़ी गई हैं। गांव की स्कीमों से पानी जोड़ कर पानी की सुविधा दी जा रही है। बस सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई है।उन्होंने कुल्लू से लेकर मनाली तक जगह-जगह जाकर नुकसान का जायजा लिया है।