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Himachal News: सीएम सुक्खू बोले- आपदा से जूझते हिमाचल को वित्तीय मदद दे केंद्र, ऋण सीमा दो फीसदी बढ़ाए

Wed, 29 Oct 2025 05:00 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 उन्होंने ऋण सीमा भी दो फीसदी बढ़ाने का आग्रह किया। सीएम सुक्खू ने केंद्र से वित्तीय मदद, ऋण और अनुदान के लिए उदार दृष्टिकोण अपनाने को कहा।
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सीएम सुक्खू ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर उनसे आपदा से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश के लिए उदार वित्तीय मदद मांगी। उन्होंने ऋण सीमा भी दो फीसदी बढ़ाने का आग्रह किया। सीएम सुक्खू ने केंद्र से वित्तीय मदद, ऋण और अनुदान के लिए उदार दृष्टिकोण अपनाने को कहा। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री को भारी बरसात में बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन के रूप में आई आपदा के बाद हिमाचल प्रदेश की स्थिति से अवगत करवाया।

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उन्होंने मांग की कि हिमाचल की कठिन परिस्थितियों के मद्देनजर वित्त वर्ष 2025-26 की शेष अवधि के लिए भी ऋण सीमा दो प्रतिशत बढ़ाई जाए। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री को अवगत करवाया कि पिछले तीन वर्षों से प्राकृतिक आपदाओं के कारण हिमाचल की वित्तीय स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ा है। वस्तु एवं सेवा कर दर के हाल ही में किए गए युक्तिकरण से प्रदेश का हिस्सा कम हो गया है। इससे हिमाचल की वित्तीय स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

 

सुक्खू ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की अवधि में प्रदेश के राजस्व घाटा अनुदान में कमी आई है। वर्ष 2020-21 के 10,249 करोड़ रुपये की तुलना में वर्ष 2025-26 में यह घटकर मात्र 3,257 करोड़ रुपये रह गया है। पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के कारण लगभग 18,000 करोड़ का नुकसान आंका गया है। इस अवधि में प्रदेश में 1,321 लोगों की जान चली गई। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री से आग्रह किया कि ऐसी स्थिति में हिमाचल को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाए।


केंद्रीय वित्त मंत्री ने आश्वस्त किया कि प्रदेश की विभिन्न मांगों पर विचार किया जाएगा। हिमाचल को विशेष केंद्रीय सहायता के अंतर्गत अतिरिक्त सहायता देने और बाह्य वित्त पोषित परियोजनाओं के तहत विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र की योजनाओं के लिए अतिरिक्त स्वीकृति पर भी विचार किया जाएगा।

डॉप्लर रडार, 150 स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित किए जाएं
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। सीएम ने आग्रह किया कि हिमाचल प्रदेश में अगले मानसून सीजन से पहले डॉप्लर वेदर रडार और 150 स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित किए जाएं, जिससे प्राकृतिक आपदाओं का त्वरित पता चल सके।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय राज्य मंत्री को बताया कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थिति, वैश्विक ऊष्मीकरण एवं मौसम में परिवर्तन के कारण प्राकृतिक आपदाओं में भारी बढ़ोतरी हुई है। इससे राज्य में जानमाल का नुकसान हो रहा है। डॉप्लर वेदर रडार और स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित होने से अग्रिम चेतावनी प्रणाली का लाभ मिलेगा। सीएम ने कहा कि प्रदेश के मौसम डेटा को केंद्र द्वारा अधिसूचित अग्रिम चेतावनी एजेंसियों के डेटा के साथ एकीकृत किया जाए। प्रदेश का अधिकांश क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। इसलिए कांगड़ा-हमीरपुर जोन में सिस्मिक प्रयोगशाला एवं डेटा विश्लेषण केंद्र स्थापित किया जाए। हमीरपुर जिले में मौसम डेटा केंद्र, प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दो अतिरिक्त वायु निगरानी प्रणालियां और शेडो जोन में कांपेक्ट वेदर रडार स्थापित किया जाए।
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उन्होंने प्रदेश में अंतरिक्ष विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देने के मद्देनजर स्पेस ऑन व्हील्स कार्यक्रम, कृत्रिम मेधा एवं संबद्ध तकनीक की जानकारी के लिए रिफ्रेशर कोर्स, अनुसंधान व विकास केंद्र की स्थापना के प्रस्तावों को स्वीकृत करने का आग्रह किया। प्रदेश में प्राकृतिक कृषि एवं लैवेंडर सहित लेमन ग्रास और पुष्प खेती पर भी चर्चा की। सीएम ने बताया कि हिमाचल प्राकृतिक कृषि उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देने वाला देश का पहला राज्य है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य की विभिन्न मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। 
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