मुख्यमंत्री ने बताया कि नई शाखाओं में समरकोट, झड़ग/नकराड़ी, पराला, धमांदरी, मेहंदली, जरोल, जनेहड़घाट, अपर कैथू, खटनोल, निहरी, चाय का डोरा, स्यांज, भराड़ी, मंडप, धार-टटोह, लोहाट, अवाह, छतराडी, हलाह, हरिपुरधार, टिम्बी और चांगो शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एकमुश्त समाधान योजना से बैंक के डिफाल्टर ऋणधारक एकमुश्त समझौता कर निपटान कर सकेंगे जो किन्ही कारणों से अपने देय ऋण की अदायगी समयानुसार नहीं कर पाये और जिनके ऋण खाते 31 दिसम्बर 2023 को बैंक द्वारा एनपीए की डी-। श्रेणी में दर्ज किए जा चुके हैं। उच्च घनत्व केे सेब बागीचे विकसित करने के लिए ऋण योजना के तहत प्रदेश के बागवानों को प्रति बीघा 8 लाख रुपये तक की ऋण सुविधा प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत अधिकतम 50 लाख रुपये तक ऋण प्रदान किया जाएगा। सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है। बैंक की सपनों का संचय-डिपॉजिट लिंक्ड बचत जमा योजना तथा सशक्त महिला ऋण योजना के सार्थक परिणाम आए हैं।
सशक्त महिला ऋण योजना के तहत अभी तक 16836 महिला ऋणियों को 35 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण प्रदान किए जा चुके हैं। बैंक के अध्यक्ष देविंद्र श्याम ने कहा कि नई शाखाओं के खुलने से समाज के सभी वर्गों को बैंकिंग सेवाओं की सुविधा घर-द्वार पर ही उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि एकमुश्त समाधान योजना से दोषी ऋण धारकों को अपने वित्तीय पोर्टफोलियो में सुधार का अवसर प्राप्त होगा। जो ऋणी अपनी ऋण निपटान राशि का भुगतान एकमुश्त करेगा उसे 0.5 फीसदी अतिरिक्त ब्याज छूट भी दी जाएगी। बैंक के प्रबंध निदेशक श्रवण मांटा ने बैंक की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा, विधायक हरीश जनारथा, मलेंद्र राजन व नीरज नैय्यर, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी सहित बैंक के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।