बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने इसे लेकर अधिकारियों को फटकार भी लगाई। ऑनलाइन पोर्टल शुरू न होने से दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सचिवालय सूत्रों के अनुसार चंबा के लोगों ने इसे लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत भी की है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि आम लोगों की सुविधा के लिए सभी विभागों को यूजर फ्रेंडली ऑनलाइन पोर्टल तैयार करने चाहिए। इसके लिए सक्षम सॉफ्टवेयर कंपनियों की सेवाएं लेने को लेकर टेंडर भी जारी किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटलों, सामान्य प्रशासन विभाग के अतिथि गृहों और विभिन्न विभागों के विश्राम गृहों में सभी भुगतान ऑनलाइन करने की व्यवस्था लागू करने के भी निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव संजय गुप्ता, प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार, पर्यटन विभाग के निदेशक विवेक भाटिया, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
पर्यटन में निवेश बढ़ाने के लिए नियमों में होगा बदलाव
मुख्यमंत्री ने पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा करने में तेजी लाने और प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पर्यटन निवेश प्रोत्साहन परिषद के प्रस्तावित नियमों में बदलाव करने का सुझाव दिया, जिस पर बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। टूरिज्म इनवेस्टमेंट प्रमोशन काउंसिल के सुझावों पर पर्यटन निगम के होटलों के संचालन पर भी चर्चा की गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि निर्माणाधीन होटलों पर भी पर्यटन निवेश प्रोत्साहन परिषद के नियमों के तहत विचार किया जाए। मुख्यमंत्री ने एशियन विकास बैंक और पर्यटन विकास बोर्ड परियोजनाओं के लिए नक्शे तैयार करने के लिए पेशेवर आर्किटेक्ट्स की सूची तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसे दस दिनों के भीतर विज्ञापित किया जाए। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विकास निगम की घाटे में चल रही इकाइयों के संचालन और रखरखाव की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सके।