मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अनाथ बच्चों और असहायों के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय कोष बनाएंगे। इसके लिए तुरंत प्रभाव से 101 करोड़ रुपये के बजट का तुरंत प्रावधान किया गया है। सीएम ने कहा कि सभी कांग्रेस विधायक इस कोष में अपनी पहली तनख्वाह से एक-एक लाख रुपये इस कोष में दान करेंगे। भाजपा विधायकों से भी अंशदान के लिए अनुरोध किया जाएगा।
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यह जानकारी सीएम ने रविवार को नए वर्ष के पहले दिन होटल होलीडे होम में पत्रकार वार्ता में दी। सीएम ने कहा कि अनाथालयों में रह रहे बच्चों को इस कोष में एकत्र बजट से जेब खर्च के लिए भी दिया जाएगा। उनकी उच्च शिक्षा का खर्च भी इसी से वहन होगा। सुक्खू ने कहा कि नया वर्ष सबके लिए मंगलमय हो। उन्होंने कहा कि सरकार बने हुए 21 दिन हो गए हैं। सरकार ने सजगता दिखाई है। सीएम पद पर शपथ लेने के बाद वह सचिवालय नहीं, बल्कि बालिका आश्रम गए।
उन्होंने वहां बच्चों से बहुत कुछ सीखा। जिनका कोई नहीं है, वे किस प्रकार से जीवन जी रहे हैं, यह सब देखा। इसके बाद वह मशोबरा वृद्धाश्रम गए। अब 21 दिन बाद सरकार ने सुखाश्रय कोष बनाने का निर्णय किया है।सबका यह मत था कि ऐसी योजना लाई जाए, जो सब बंधनों से दूर हो। उन्होंने कहा कि पूरे हिमाचल में अनाथाश्रमों में करीब छह हजार लोग होंगे। 12वीं कक्षा की पढ़ाई तक तो अनाथाश्रम बच्चों को आश्रय देते हैं। उसके बाद की पढ़ाई का खर्च इसी कोष से होगा।
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सीएम बोले, यह करुणा नहीं अधिकार है
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सुखाश्रय कोष बनाना करुणा नहीं, बल्कि ऐसे लोगों और बच्चों का अधिकार है। एकल नारियों पर भी इस कोष से खर्च होगा। ये बच्चे किसी की दया भावना पर नहीं टिकेंगे। इस वर्ग को कभी ठीक से नहीं देखा गया। सामाजिक कल्याण विभाग इसकी नोडल एजेंसी है। मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज आदि में भी इसे खर्च किया जाएगा।