मौसम के सटीक पूर्वानुमान के लिए किन्नौर और लाहौल-स्पीति में डॉप्लर रडार स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इन नए स्टेशनों की स्थापना का मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया है। प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
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राज्य सरकार प्रदेशवासियों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से अत्याधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार डॉप्लर रडार स्टेशन स्थापित करने के अलावा केंद्र सरकार की मदद से कांगड़ा और हमीरपुर जिलों में एक उच्च स्तरीय अत्याधुनिक भूकंपीय प्रयोगशाला एवं डॉटा विश्लेषण केंद्र स्थापित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।
प्रयोगशाला एवं डॉटा विश्लेषण केंद्र स्थापित होने से न केवल बहुमूल्य जीवन को सुरक्षित किया जा सकेगा, बल्कि मौसम संबंधी सटीक जानकारी भी समय पर उपलब्ध हो सकेगी। सरकार का यह कदम संवदेनशील क्षेत्रों में भारी बारिश और हिमपात आदि की स्थिति में नुकसान को कम करने के लिए त्वरित उपाय करने में सहायक सिद्ध होगा।
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इससे जिला प्रशासन को स्थिति के सही आकलन के लिए सतर्क करने में भी मदद मिलेगी। चंबा जिले के जोत और मंडी जिले के मुरारी देवी में हाल ही में दो डॉप्लर रडार स्टेशन स्थापित किए गए हैं। इससे राज्य का 70 प्रतिशत क्षेत्र पहले ही इसके अंतर्गत आ चुका है।
यह स्टेशन 100 किलोमीटर के दायरे में मौसम के पूर्वानुमान पर वैज्ञानिक डाटा उपलब्ध करवाता है। प्रदेश में दो और स्टेशन स्थापित होने से पूरे राज्य में समय पर मौसम पूर्वानुमान सुनिश्चित किया जा सकेगा।
डॉप्लर रडार तकनीक मौसम विज्ञान केंद्र को मौसम की सटीक स्थिति और पूर्वानुमान लगाने में सक्षम बनाएगी, जिससे समय पर जान-माल की सुरक्षा भी हो सकेगी। हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदाओं के दृष्टिगत संवेदनशील है, इससे प्रदेश में रडार स्टेशनों का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।