सहयोग करें जयराम, राजनीतिक अवसर न तलाशें : विक्रमादित्य
वहीं, मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कई हाइड्रो प्रोजेक्ट हैं और जब भी कोई हाइड्रो प्रोजेक्ट स्थापित होता है तो उसका अग्रिम पैसा जरूर दिया जाता है और यह सभी मामलों में होता है, चाहे वह पीएसयू प्रोजेक्ट हो या व्यक्तिगत प्रोजेक्ट। कई बार ऐसा होता है कि प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाता। अगर इसकी समय सीमा पूरी नहीं होती तो बोली लगाने वाले या जिन्हें अवार्ड मिल चुका है, वे अपना अग्रिम पैसा वापस मांगते हैं। ऐसे कई मामले हैं। ऐसी चीजें हर राज्य की हर सरकार में होती हैं। कहा कि हिमाचल भवन को लेकर कोर्ट के आदेशों को सरकार सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज करेगी। पूर्व मुख्यमंत्रीजयराम हर मामले में राजनीति करने की कोशिश करते हैं। उन्हें प्रदेश सरकार का सहयोग करना चाहिए न कि राजनीतिक लाभ के लिए अवसर तलाशने चाहिए। पहली बार ऐसा नहीं हुआ है कि कोर्ट की ओर से इस तरह की कार्रवाई की गई हो। सरकार निरंतरता में चलती हैं, बहुत से ऐसे प्रोजेक्ट हैं जिनमें अपफ्रंट मनी दिया गया है।
भवन को अटैच करने का आदेश सामान्य नियमित प्रक्रिया : रतन
हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता अनूप कुमार रतन ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से दिल्ली में हिमाचल भवन को अटैच करने के आदेश को सामान्य नियमित प्रक्रिया करार दिया और कहा कि यह खबर इसलिए बनी कि हाईकोर्ट ने भवन की नीलामी की संभावना का जिक्र किया। अनूप रतन ने कहा कि उच्च न्यायालय का यह आदेश एक निष्पादन याचिका में आया है, जिसमें सेली हाइड्रो पावर ने एक निष्पादन याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि एकल न्यायाधीश की ओर से उनके पक्ष में दिए गए आदेश में 64 करोड़ रुपये का अग्रिम प्रीमियम वापस किया जाए, क्योंकि सरकार ने वह पैसा अपीलीय अदालत में जमा नहीं कराया है। इसलिए निष्पादन न्यायालय की ओर से यह आदेश एक सामान्य नियमित प्रक्रिया के तहत दिया गया।
हिमाचल का नुकसान हो तो खुश होते हैं जयराम : जगत सिंह नेगी
शिमला। जयराम ठाकुर को यह साफ करना चाहिए कि वह हिमाचल के हितैषी हैं या दुश्मन, हिमाचल का कहीं नुकसान हो जाए, कोर्ट में कोई खिलाफ फैसला आ जाए तो खुश हो जाते हैं। मौजूदा मामला 2009 का है जब भाजपा सरकार थी, धूमल साहब मुख्यमंत्री थे। उस समय अपफ्रंट मनी ली गई। सरकार निरंतरता में चलती हैं। अपफ्रंट मनी न चुकाने के लिए मौजूदा सरकार ही जिम्मेवार नहीं है। बयान देने से पहले जयराम इतना जरूर ध्यान दें कि उनकी बात प्रदेश हित में है या प्रदेश के खिलाफ।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ने साधा निशाना
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के सम्मान का प्रतीक कहे जाने वाला हिमाचल भवन को आज कुर्क करने का आदेश हो गया है। इससे बड़ी शर्म की स्थिति प्रदेश के लिए और क्या हो सकती है। प्रदेश की इज्जत मुख्यमंत्री और उनकी सरकार ने तारतार कर दी है। हिमाचल आज नीलामी की दहलीज पर खड़ी है। प्रदेश सरकार में प्रदेश के हाइड्रो प्रोजेक्ट और पूरे प्रदेश को बर्बाद कर दिया है। पूरे देश के हाइड्रो पावर का एक चौथाई बिजली उत्पादन हिमाचल प्रदेश में होता है जिसे और बढ़ाया जा सकता है। लेकिन हर दिन सरकार अपनी तानाशाही से कोई न कोई अव्यवहारिक नियम लाकर बिजली उत्पादन की संभावना को खत्म कर रहे हैं, जिससे यहां पर निवेशक ना आए। निजी सेक्टर के साथ सरकार ने केंद्र सरकार के उपक्रम जो हाइडल बिजली उत्पादित करते हैं उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई है।
राहुल गांधी की खटाखट राजनीति का खामियाजा हिमाचल भवन ने चुकाया : कश्यप
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश को बर्बाद कर दिया है। हिमाचल हाईकोर्ट ने दिल्ली के मंडी हाउस में स्थित हिमाचल भवन को अटैच करने का आदेश दिया, जिससे सेली हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर नाम की बिजली कंपनी उसे नीलाम कर अपनी करोड़ों रुपये की बकाया रकम वसूल कर सके। ये हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार के लिए बहुत शर्मनाक बात है। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं अदालत ने प्रधान सचिव ऊर्जा को फैक्ट फाइंडिंग जांच कर उन अधिकारियों का पता लगाने के आदेश भी दिए हैं, जिनकी वजह से बिजली कंपनी की रकम अदालत के आदेशों के बाद भी जमा नहीं कराई गई। कांग्रेस और राहुल गांधी की खटाखट राजनीति का खामियाजा हिमाचलियों को दिल्ली में हिमाचल की पहचान बन चुके हिमाचल भवन को गंवा कर चुकाना पड़ेगा। वहीं, सांसद राजीव भारद्वाज ने भी कहा कि एक के बाद एक प्रदेश की पूरे देश में किरकिरी हो रही है। प्रदेश सरकार की लापरवाही की वजह से हिमाचल देश की चर्चा बनकर रह गया है, चर्चा तो होनी चाहिए पर सकारात्मक होनी चाहिए, पर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली ही कुछ ऐसी है, जिसे प्रदेश का लगातार मजाक बनकर रह जाता है।
हिमाचल को बदनाम कर रहे जयराम : रोहित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि नेता विपक्ष जयराम ठाकुर डबल इंजन की सरकार के फेल होने के बाद से हिमाचल प्रदेश को बदनाम करने में लगे हुए हैं। कहा कि हिमाचल भवन दिल्ली को अटैच करने को लेकर हाईकोर्ट से आए फैसले को विस्तार से देखा जाएगा। कानूनी राय लेने के बाद सरकार इस बाबत आगामी कदम उठाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अपफ्रंट मनी देने का मामला पुराना है। बीती कई सरकारों से यह मामला चलता आ रहा है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर को विपक्ष में बैठने की पीड़ा है। आए दिन वो हिमाचल सरकार और प्रदेश की छवि को खराब करने के लिए मामले तलाशते रहते हैं। जब केंद्र सरकार और प्रदेश की भाजपा सरकार का हिमाचल में डबल इंजन फेल हो गया तो अब चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि मुख्य संसदीय सचिव पूर्व की सरकारों में भी रहे हैं। हाईकोर्ट में केस करने वाले सतपाल सिंह सत्ती स्वयं भी मुख्य संसदीय सचिव रह चुके हैं। वाईएस परमार, शांता कुमार, वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल की सरकारों में भी मुख्य संसदीय सचिव बनते रहे हैं। चुनावों के समय भाजपा नेता तरह-तरह के आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करने में लग जाते हैं। उन्हाेंने कहा कि राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन वरिष्ठ नेता हैं। उन्हें सोच समझ कर बयान देने चाहिए। उन्होंने तो प्रदेश में मिशन रिपीट के दावे भी किए थे, जो पूरे नहीं हुए।