बजट सत्र में केंद्र की अनदेखी को मुख्य मुद्दा बनाएगी कांग्रेस
विधानसभा के बजट सत्र में केंद्र सरकार की अनदेखी को कांग्रेस विधायक मुख्य मुद्दा बनाएंगे। सोमवार सुबह मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भाजपा को घेरने की रणनीति बनाई गई। हिमाचल सरकार पर लगाई गई आर्थिक बंदिशों को कांग्रेस विधायक सदन के अंदर और बाहर प्रमुखता से उठाएंगे। कांग्रेस विधायक दल ने बजट सत्र के दौरान केंद्र सरकार के रवैये को लेकर विस्तार से चर्चा की। फैसला लिया गया कि प्रदेश भाजपा के आरोपों का जवाब देने के लिए केंद्र सरकार को घेरा जाएगा। हिमाचल के बजट में कटौती कर केंद्र सरकार लगातार सौतेला व्यवहार कर रही है। केंद्र ने पहले राज्य की लोन लेने की सीमा को 5 प्रतिशत से घटाकर 3.5 प्रतिशत किया है।
तीन हजार करोड़ से ज्यादा का जीएसटी कंपेनसेशन भी बंद कर दिया। केंद्रीय योजनाओं पर भी कैपिंग लगाई गई। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में हिमाचल को रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट 13 हजार करोड़ रुपये मिल रही थी, जो अगले साल एक चौथाई घटकर 3,257 करोड़ रुपये रह जाएगी। सत्तारूढ़ कांग्रेस का आरोप है कि 2023 में सदी की सबसे भीषण आपदा के बावजूद केंद्र से एक रुपये की भी अतिरिक्त मदद हिमाचल को नहीं मिली। नुकसान का जायजा लेने हिमाचल आई टीम ने खुद माना कि बरसात में भारी बारिश व बादल फटने से 9 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। लिहाजा कांग्रेस विधायक इस मुद्दे को लेकर भी सदन में विपक्ष पर पलटवार करेंगे। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी विशेष तौर पर मौजूद रहीं।