मुख्यमंत्री ने कहा कि इन भर्तियों की पात्रता के लिए वार्षिक आय सीमा को 2.50 लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपये किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि करुणामूलक आधार पर लंबित मामलों को तीन चरणों में निपटाया जाएगा।
पहले चरण में विधवा या 45 वर्ष से कम आयु वर्ग के उन आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके माता-पिता नहीं हैं। इस श्रेणी में 141 विधवाएं और 159 अनाथ बच्चे शामिल हैं। दूसरे चरण में कम वार्षिक आय वाले पात्र व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया जाएगा और शेष पात्र आवेदकों को तीसरे चरण में नौकरी दी जाएगी।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव एम. सुधा देवी और राकेश कंवर तथा सचिव विधि शरद कुमार लगवाल बैठक में उपस्थित थे।