कहा कि 30-40 साल पुराने कानून से हिमाचल प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन नहीं हो सकता है। राज्य सरकार इस संबंध में रोज नए निर्णय ले रही है। इसमें अधिकारियों को सहयोग करने की जरूरत है। यह भी कहा कि हिमाचल प्रवेश में आईएएस अधिकारी और एचएएस अधिकारी राज्य सरकार को आगे ले जाने में बेहतरीन कार्य कर रहे हैं, मगर उन्होंने आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों की संख्या नहीं बढ़ाने का निर्णय इसलिए लिया है कि राज्य पर अनावश्यक बोझ न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बद्दी को एशिया का सबसे बड़ा फार्मा हब कहा जाता है मगर 100 करोड़ रुपये का ही जीएसटी मिलता है। ऐसे में उद्योगों को लगाने की दिशा में अधिक ठोस नीति की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पिछले साल उन्होंने 58000 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, मगर उसमें 6000 करोड़ का होल पाया गया यानी कि इतना राजस्व इकट्ठा नहीं हो सका।
नए प्रोजेक्टों की परिकल्पना हरित राज्य के दृष्टिकोण से करें
सीएम ने ओकओवर शिमला में सोलन जिले के विधायकों के साथ बैठक की और जिले से संबंधित विभिन्न विकासात्मक कार्यों पर चर्चा की। सुक्खू ने कहा कि नवीन परियोजनाओं में नवाचार को विशेष अधिमान दिया जाना चाहिए और उनकी परिकल्पना 'हरित राज्य' दृष्टिकोण से की जानी चाहिए। योजनाओं का लाभ अधिक लोगों तक सुनिश्चित करने के लिए विधायकों से निरंतर प्रयास करने को कहा। इस बैठक में विधायक संजय अवस्थी, विनोद सुल्तानपुरी और हरदीप सिंह बावा उपस्थित थे।