'प्रदेश के हर व्यक्ति पर 1.25 लाख का ऋण'
सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस सभागार में बैठे हर व्यक्ति और प्रदेश की 75 लाख आबादी पर 1.25 लाख का कर्ज चढ़ा हुआ है। कर्ज आज भी लिया जा रहा है। पर कर्ज को व्यवस्थित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री बोले कि जो आयकर दे सकता है, वह बिजली का 500 और 1,000 रुपये का बिल भी दे सकता है। सरकार ने फैसला लिया है कि जिसकी देने की क्षमता है, उसे देना चाहिए। ऐसे में बिजली के बिलों पर आयकरदाताओं के लिए सब्सिडी घटाने का कड़ा फैसला लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी मुश्किल से कई सालों की मेहनत से एक पक्का मकान बनता है, जो एक ही बरसात ध्वस्त कर देती है। ऐसे परिवारों को बसाने का जिम्मा भी राज्य सरकार का होता है।