हिमाचल में आर्थिक रूप से गंभीर संकट: जयराम
वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पहली बार ऐसी परिस्थिति बनी है कि कर्मचारियों को महीने की तीन तारीख बीतने के बाद भी वेतन नहीं मिला है। इसका मतलब सीधा है कि हिमाचल में आर्थिक रूप से गंभीर संकट है। जयराम ठाकुर ने विधानसभा परिसर में कहा कि सीएम कभी बोलते हैं संकट है, कभी बोलते है संकट नहीं है। कभी बोलते हैं कि हिमाचल 2027 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनेगा। यदि प्रदेश सरकार के समक्ष इस तरह की परिस्थिति आ गई है कि कर्मचारियों का वेतन देने में असमर्थ है तो इस पूरे विषय को बहुत गंभीरता से सरकार को लेना चाहिए। जयराम ने कहा कि आर्थिक दृष्टि से हिमाचल लगभग दिवालियापन के कगार पर खड़ा होता दिख रहा है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य रुके पड़े हैं।
ऐसी स्थिति में हमने बीते दिन विधानसभा में नियम-67 के तहत नोटिस दिया था कि सारी कार्यवाही रोककर इस विषय पर चर्चा की जाए। जयराम ने कहा कि केंद्र से मिलने वाली आर्थिक मदद के माध्यम बहुत विशेष हैं। केंद्र से राजस्व घाटा ग्रांट मिलती है, उसे रोका नहीं गया है। इसके अलावा वह केंद्र से क्या मदद चाहते हैं और संकट तो प्रदेश का है। मुख्यमंत्री को जिम्मेवारी के साथ इस बात को स्वीकार करना चाहिए। बार-बार केंद्र को कोसना उचित नहीं है। जयराम ने कहा कि सत्ता हासिल करने के लिए झूठी गारंटियां दी गईं। गारंटियों को लागू करने के लिए आगे बढ़े तो प्रशासनिक संकट आ गया। हिमाचल इस समय बहुत बड़े आर्थिक संकट से गुजर रहा है।
कर्मियों को 3 सितंबर तक वेतन नहीं मिलना चिंता का विषय
कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने पर हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारी सेवाएं संघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि हर बार पेंशनर्स और कर्मचारियों को हर महीने की पहली तारीख तक वेतन मिल जाता है। ऐसा पहली बार देख रहे हैं कि 3 सितंबर तक भी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। उन्हें पता चला है कि इस बार कर्मचारियों को 5 सितंबर तक और पेंशनरों को 10 सितंबर तक वेतन मिलेगा। यह चिंता का विषय है कि ऐसा क्यों हुआ।