शुक्रवार को सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी बारिश से आई आपदा में अभी तक 69 लोगों की मौत हुई है और 110 व्यक्ति घायल हुए हैं। 37 अभी भी लापता हैं। वह शीघ्र ही फिर से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। सुक्खू ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत कर उन्हें प्रदेश में हुए व्यापक नुकसान के बारे में अवगत करवाया है। गृहमंत्री ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। केंद्रीय टीम भी नुकसान का आकलन करने हिमाचल आ रही है। इस मानसून सीजन में ही अभी तक मंडी जिले में ही बादल फटने की 14 घटनाएं हो चुकी हैं। बादल फटने की इतनी घटनाएं क्यों हो रही हैं, इसका अध्ययन करने की आवश्यकता है। इस बारे में भी गृहमंत्री से भी चर्चा की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भारी बरसात और बादल फटने की घटनाओं से अब तक 700 करोड़ का नुकसान हो चुका है। आपदा में सड़कों, बिजली अधोसंरचना और पेयजल आपूर्ति योजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। मंत्रिमंडल के सभी सहयोगी अपने-अपने विभागों की समीक्षा बैठक लेकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं। सरकार की ओर से चलाए गए राहत कार्यों में मंडी जिले में 402 लोगों को बचाया गया है। वानिकी एवं बागवानी कॉलेज थुनाग में फंसे 92 छात्रों और अध्यापकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। थुनाग के कई गांवों में एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटी हैं।