हिमाचल सरकार ने नए उद्योग लगाने के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना लागू कर दी है। वीरवार को इसकी अधिसूचना जारी कर निरीक्षण के नियम भी तय कर दिए हैं। योजना के तहत उद्योग लगाने वालों को खुद दस्तावेज सत्यापित कर जमा कराने हैं, जिसके 15 दिन के भीतर सरकार मंजूरी दे देगी।
शिकायत नहीं मिली तो श्रम विभाग के अफसर तीन साल तक नए उद्योगों की इंस्पेक्शन नहीं करेंगे। शिकायत मिली तो वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति के बाद ही निरीक्षण किया जाएगा। स्टार्टअप योजनाओं के लिए एक साल तक चार अधिनियमों के तहत निरीक्षण की विशेष छूट दी जाएगी।
प्रधान सचिव उद्योग की ओर से वीरवार को जारी अधिसूचना में राज्य सरकार ने प्रावधान किया है कि हिमाचल में स्थापित किए जाने वाले सभी नए उद्योगों को अब केवल स्वयं सत्यापन दस्तावेज ऑनलाइन या मैनुअली देने होंगे। विभाग को उन्हें प्रोविजनल पंजीकरण प्रमाणपत्र 15 दिन के भीतर देने होंगे।
इसके अलावा स्टार्टअप योजनाओं के लिए एक साल तक चार अधिनियमों के तहत निरीक्षण करने की भी छूट होगी। इनमें भवन एवं अन्य कामगार विनियमन, अंतरराज्यीय माइग्रेंट वर्कमैन, पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट और कांट्रेक्ट लेबर विनियमन अधिनियम शामिल हैं।