लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पहली बार मोदी लहर का असर माना। उन्होंने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस मोदी लहर की वजह से हारी।
सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा -मैं इस जीत के लिए नरेंद्र मोदी को बधाई देता हूं और उम्मीद करता हूं कि नरेंद्र मोदी लोगों से किए वादे पूरा करेंगे।
वीरभद्र ने कहा कि उन्हें आशा है कि हिमाचल को भी उनका सहयोग मिलेगा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार सशक्त एवं एकजुट है और अपना कार्यकाल पूरा करेगी।
अन्य मुख्यमंत्रियों की तरह हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश करने के सवाल पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री की कोई राजनीतिक मजबूरी हो सकती है, लेकिन उनकी नहीं है। वह इस्तीफा नहीं देंगे।
धूमल की ओर से उनके इस्तीफे की मांग पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि वह हर छोटी छोटी बात पर भी उनका इस्तीफा मांगते रहते हैं, लेकिन सभी इच्छाएं जिंदगी में पूरी नहीं होती।
मोदी लहर पर दिया ये जवाब
क्या पहले मोदी लहर नहीं दिखी थी? इस सवाल पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि वह राजनीति के पुराने खिलाड़ी हैं। नरेंद्र मोदी के हिमाचल दौरे के बाद उनके पक्ष में माहौल बन गया था, लेकिन वह चुनाव प्रचार के बीच ये नहीं कह सकते थे। वीरभद्र सिंह ने कहा कि मोदी की लहर बनाने में मीडिया का बड़ा रोल रहा।
मीडिया ने मोदी को एक उपभोक्ता वस्तु की तरह बेचा। वीरभद्र सिंह ने कहा कि इस हार के लिए न तो संगठन दोषी है और न ही सरकार। उन्होंने माना कि इस लहर में मंडी सीट पर प्रतिभा सिंह की हार से वह हैरान नहीं हैं, लेकिन हार का अंतर जरूरत हैरान करने वाला है।