यहां से फाइलें संबंधित विभागों में भेजी जाएंगी। सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री कार्यालय से इस बारे आदेश जारी हुए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में एक दिन से ज्यादा कोई भी फाइल नहीं रुकेगी। जरूरी फाइलों को शाम के वक्त भी निकाला जा सकेगा।
यही नहीं, अगर मुख्यमंत्री शिमला से बाहर होते हैं तो ऐसी स्थिति में जरूरी फाइलों को गाड़ी से भेजकर उनका निपटारा किया जाएगा। बीते कुछ महीन पहले मुख्यमंत्री कार्यालय में फाइलें के ढेर लगे रहते थे। लोग लगातार इसको लेकर मुख्यमंत्री और मंत्रियों के पास शिकायतें करने लगे थे। इससे सबक लेते हुए सरकार ने व्यवस्था की है।