8.8 किलोमीटर लंबी इस टनल में सेरी नाला की वजह से देरी हुई है। वर्तमान में टनल निर्माण का कार्य प्रगति पर है। इसके बिना अगली तीन प्रस्तावित टनल की कल्पना नहीं की जा सकती है। चीन भारतीय सीमा के पास पहुंच गया है।
सामरिक दृष्टि से अहम इस टनल से पर्यटन विकास की नई राह भी खुलेगी। टनल के चीफ इंजीनियर कर्नल एनएम चंद्र राणा ने बताया कि सेरी नाला मुख्य तौर पर चुनौती है। सर्दियों से पहले दोनों छोर पर पोर्टल इमारत कार्य शुरू किया जाएगा।
वर्तमान में इलेक्ट्रिकल, मेकेनिकल वर्क जारी है। इस दौरान मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा, गोविंद सिंह ठाकुर, सांसद रामस्वरूप शर्मा, विधायक किशोरी लाल, भाजपा नेता राम सिंह, डीसी यूनुस, एसपी शालिनी अग्निहोत्री, सीएमओ डॉ. सुशील चंद्र आदि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार की ओर से राजनीतिक मंशा से किए गए केस वापस लिए जाएंगे। उन्होंने एचपीसीए मामले को भी ऐसे ही मामलों में से एक बताया। कहा कि एचपीसीए मामले पर कोर्ट जो भी निर्णय लेगा, वह सर्वमान्य होगा।
सेब सीजन में हड़ताल की करेंगे वैकल्पिक व्यवस्था
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि सेब सीजन को लेकर केंद्र के साथ राज्य सरकार भी चिंतित है। कोई रास्ता न निकलने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।