सत्ता पक्ष को घेरने के लिए रणनीतियां बनाई जा रही हैं। विपक्ष कहता है कि मृतक और सेवानिवृत्त लोगों के भी तबादले आदेश जारी कर दिए। अगर विपक्ष के पास इस तरह का आंकड़ा है तो वह सरकार को दे, निश्चित तौर पर इसकी जांच होगी।
झूठ बोलकर माहौल खराब करना विपक्ष की आदत बन गई है। जो पिछली सरकार के कार्यकाल में हुआ है, जरूरी नहीं कि अब वह इस सरकार में भी होगा। पूर्व कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में पांच साल का जवाब नहीं दिया, अब यह विपक्ष में रहते हुए हमसे दो महीने का हिसाब मांग रहे हैं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा ने कहा कि सदन के वरिष्ठ सदस्य जो बाहर नहीं जाना चाहते थे, उन्हें भी विपक्ष के सदस्य हाथ पकड़ कर बाहर ले गए। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का नाम लिए बगैर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि वह सब कुछ जानते हैं।
विपक्ष का सदन से वाकआउट करना घोर निंदनीय है। सरकार चर्चा के लिए तैयार है। शिलाई के कांग्रेस विधायक हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि सीएम जयराम ठाकुर ने कांग्रेस के विधायकों के सदन में नहीं बैठने देने की जिस तरह की बातें कही हैं, उनके खिलाफ प्रिविलेज लाने पर विचार होगा। इस पर विधायक दल की बैठक में चर्चा होगी।
वाकआउट के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने परिसर में कहा कि दो महीने के छोटे से समय में ही जयराम सरकार ने 20 हजार कर्मचारियों केे तबादले कर दिए हैं। राजनीतिक बदले से बड़ी संख्या में शिक्षकों के तबादले किए जाने से स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
मरे हुए लोगों तक के तबादले किए जा रहे हैं। प्रदेश में हाहाकार की स्थिति है। धारा 118 में संशोधन पर वीरभद्र ने कहा कि इस पर पॉलिसी बनाई जा रही थी। कांग्रेस ने ये इश्यू नहीं उठाया होता तो ऐसा कर दिया जाता।
उन्होंने कहा कि हिमाचल सेल पर नहीं है। इसे बेचने नहीं दिया जाएगा। वे लोग चाहते हैं कि हिमाचल की जमीन बिकाऊ हो जाए। वीरभद्र बोले कि बदले की भावना से तबादले करना भी बहुत बड़ा मुद्दा है।
कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि रोज तबादलों की सूचियां निकल रही हैं। दूसरी ओर सीएम जयराम ठाकुर कह रहे हैं कि सामान्य तबादलों पर रोक लगी हुई है।
ये कैसी रोक है? डलहौजी की विधायक आशा कुमारी ने कहा कि धारा 118 से दोबारा छेड़खानी की बात की गई तो इस मुद्दे को फिर से उठाया जाएगा। वहीं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के नेता राज्यसभा चुनाव पर वीरवार को चर्चा करेंगे।
कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू समेत अन्य नेता वीरवार को बैठक करेंगे। यह तय करेंगे कि कांग्रेस को अपना उम्मीदवार देना है कि नहीं।
यह जानकारी कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष नरेश चौहान ने दी है। राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसी के चलते राज्यसभा की खाली हो रही सीट के लिए चुनाव होना है।