नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने धन्यवाद संबोधन के दौरान एक देश एक चुनाव का विरोध किया। उन्होंने न सिर्फ इसे अव्यवहारिक बताया बल्कि असांविधानिक भी ठहराया।
कहा कि नई व्यवस्था लागू करने से पहले कानूनी पहलुओं पर भी विचार होना चाहिए। इससे पहले गुजरात, हरियाणा, पंजाब व जम्मू कश्मीर से आए विधानसभा उपाध्यक्ष व विधायकों ने भी विचार रखे। रविवार को ई विधान की कार्यप्रणाली पर चर्चा होगी।
कार्यशाला के दौरान लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि यह सिर्फ एक मुद्दे पर विचार रखने के लिए किया प्रयास है। यह न समझा जाए कि जो यहां तय होगा वही लागू होगा।
किसी कानून को बनाने और पारित कराने में तो अध्यक्ष महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं, लेकिन अपने विचार नहीं रख पाते। यही वजह है कि जब देश में एक देश एक चुनाव जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा हो रही है तो उन्होंने विधानसभा अध्यक्षों के भी विचार जानने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया।
कहा कि ऐसी कार्यशाला में पहली बार किसी मुख्यमंत्री का शामिल होना बेहद काबिलेतारीफ है। इस कार्यशाला में क्षेत्र चार के सभी प्रदेशों के विधायकों को भी शामिल कराने पर उन्होंने हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल को बधाई दी।