इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने हिमाचल से कारगिल युद्ध में शहीद 52 सैनिकों समेत विभिन्न युद्धों में जान की कुर्बानी देने वाले प्रदेश के 1100 रणबांकुरों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वहीं डोगरा रेजिमेंट की एक टुकड़ी ने प्रदेश के शहीदों को शस्त्र उल्टे कर सलामी दी। श्रद्धांजलि समारोह के दौरान उपस्थिति लोग भी भावुक हो गए। इस मौके पर दो मिनट का मौन भी रखा गया।
पूर्व सैनिक कल्याण समिति के प्रदेशाध्यक्ष सूबेदार प्रकाश चंद ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। जिसके बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सेना की गार्ड का निरीक्षण कर सलामी ली। सूबेदार प्रकाश चंद ने कहा, मई 1999 में चार जाट रेजिमेंट के कांगड़ा निवासी कैप्टन सौरभ कालिया की शहादत के साथ कारगिल युद्ध शुरू हुआ था।
जिसे देश के सपूतों ने अपनी बहादुरी से जीत लिया। कारगिल युद्ध स्थल पर आज भी कैप्टन विक्रम बत्रा और अन्य जवानों की शौर्यगाथा गूंजती है। इस युद्ध में प्रदेश के रणबांकुरों को दो परमवीर चक्र, चार वीर चक्र, पांच सेना मेडल से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नौ डोगरा रेजिमेंट की गार्ड के कार्य की प्रशंसा कर उन्हें सम्मानित भी किया।